भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने टाटा मोटर्स, महिंद्रा और फोर्ड सहित 18 ऑटो कंपनियों के खिलाफ अनुचित कारोबारी तौर-तरीकों को लेकर की गई शिकायत को खारिज कर दिया है।
यह आरोप लगाया गया है कि ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स और अधिकृत डीलरों के बीच डीलरशिप समझौता पूरी तरह से एक तरफा और ऑटो कंपनियों के पक्ष में है। यह शिकायत महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, होंड सिएल कार्स इंडिया, फॉक्सवैगन इंडिया, जनरल मोटर्स इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, फोर्ड इंडिया, रेनो इंडिया और ह्यूडई मोटर इंडिया के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
इसके अलावा अशोक लेलैंड, पियाजिओ व्हीकल, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा टू व्हीलर, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और टीवीएस मोटर कंपनी भी उन कंपनियों मेें शामिल है जिनके खिलाफ शिकायत की गई है। सीसीआई ने शिकायत को खारिज करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के मानकों के उल्लंघन का पृथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है।
यह आरोप लगाया गया है कि ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स और अधिकृत डीलरों के बीच डीलरशिप समझौता पूरी तरह से एक तरफा और ऑटो कंपनियों के पक्ष में है। यह शिकायत महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, होंड सिएल कार्स इंडिया, फॉक्सवैगन इंडिया, जनरल मोटर्स इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, फोर्ड इंडिया, रेनो इंडिया और ह्यूडई मोटर इंडिया के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
इसके अलावा अशोक लेलैंड, पियाजिओ व्हीकल, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा टू व्हीलर, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और टीवीएस मोटर कंपनी भी उन कंपनियों मेें शामिल है जिनके खिलाफ शिकायत की गई है। सीसीआई ने शिकायत को खारिज करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के मानकों के उल्लंघन का पृथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है।











