कारोबार या स्वरोजगार से तगड़ी कमाई करने के बावजूद आयकर न भ्ारने वालों के बुरे दिन आने ही वाले हैं। नरेंद्र मोदी सरकार इन दिनों ऐसे लोगों की आर्थिक कुंडली खंगाल रही है और उनसे संबंधित सारी जानकारी जुटा रही है। जैसे ही इनके बारे में पर्याप्त जानकारी मिलेगी, इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की अध्यक्ष अनीता कपूर ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि कारोबार या स्वरोजगार से अच्छी-खासी कमाई कर भी आयकर नहीं चुकाने वालों की समाज में अच्छी खासी तादाद है। इनके बारे में आयकर विभाग को कुछ तो जानकारी है और कुछ जुटाई जा रही है।
ऐसे लोगों के बारे में गहन सर्वे भी चल रहा है। जैसे ही इनके बारे में पुख्ता जानकारी मिल जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों पर आमदनी के हिसाब से जो टैक्स बनता है, वह तो वसूला ही जाएगा, उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। यही नहीं, उनके ऊपर आयकर कानून के मुताबिक मुकदमा भी चलाया जाएगा।
सीबीडीटी अध्यक्ष ने बताया कि कई मामलों में देखा गया कि बड़े शहरों के रिहायशी इलाकों में परचून की दुकान चलाने वाले या मिठाई की दुकान चलाने वाले देखने में तो छोटे कारोबारी लगते हैं लेकिन उनकी मासिक आमदनी लाखों रुपये महीने होती है। तुर्रा यह कि ऐसे व्यक्ति आय कर के नाम पर एक पैसा भी नहीं चुकाते।
ऐसे लोगों के बारे में ही अब जानकारी जुटायी जा रही है। विभाग के मुताबिक देश में ऐसे लाखों लोग हैं जिनके पास भरपूर आमदनी के साधन हैं लेकिन वे अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते। इन्हें आयकर रिटर्न के दायरे में लाना और उनसे टैक्स वसूलना अधिकारियों के लिए चुनौती है और इस चुनौती से पार पाया जाएगा।
विदेशी निवेशकों पर मैट लगाने के मसले पर उन्होंने बताया कि फिलहाल आयकर विभाग के अधिकारियों को इस दिशा में नई पहल नहीं करने को कहा गया है। इस बारे में न्यायमूर्ति ए पी शाह की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है और इस कमेटी ने काम भी शुरू कर दिया है। लिहाजा अब इस कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। शाह कमेटी की रिपोर्ट में जो दिशानिर्देश आएगा, उसी के हिसाब से काम होगा।

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