Tuesday, June 16, 2015

निर्यातकों को मिल सकती है ब्याज दरों में छूट

ब्याज दरों में छूट दिए जाने की निर्यातकों की पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। सरकार निर्यातकों को जून माह के अंत तक ब्याज दरों में राहत दे सकती है। ब्याज दरों में यह छूट तीन फीसदी की होगी। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक जून आखिर से जुलाई के पहले सप्ताह तक ब्याज दरों में छूट के मद में आवंटित फंड के भुगतान की घोषणा की जा सकती है। निर्यातकों के मुताबिक ब्याज दरों में छूट मिलने से इस चुनौतीपूर्ण समय में उन्हें थोड़ी सी राहत जरूर मिलेगी।

वाणिज्य मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक ब्याज दरों में छूट के मद में वित्त मंत्रालय की तरफ से 1,723 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। एक अप्रैल को विदेश व्यापार नीति की घोषणा के दौरान वाणिज्य सचिव ने निर्यातकों को ब्याज दरों में छूट मिलने की बात कही थी। मंत्रालय के मुताबिक ब्याज दरों में तीन फीसदी की छूट एमएसएमई निर्यातक व रोजगारपरक क्षेत्रों के निर्यातकों को दी जाएगी। इनमें हैंडीक्राफ्ट्स, कार्पेट, गारमेंट जैसे निर्यात क्षेत्र शामिल हैं।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ब्याज दरों में छूट पिछले साल अप्रैल से दी जाएगी या इस साल अप्रैल से। एमएसएमई व रोजगारपरक क्षेत्र के निर्यातकों को पिछले साल मार्च तक ब्याज दरों में तीन फीसदी की छूट मिल रही थी। उसके बाद से ब्याज दरों में छूट की इस स्कीम को जारी रखा जाएगा या नहीं, यह खुलासा नहीं किया गया है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन के मुताबिक ब्याज दरों में छूट मिलने पर निर्यातकों की ब्याज दर 8-9 फीसदी तक आ जाएगी, लेकिन उन्होंने सरकार से निर्यातकों को 4 फीसदी की ब्याज दर पर कर्ज मुहैया कराने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि छूट शुरू होने पर निर्यातकों को थोड़ी सी राहत मिलेगी, लेकिन निर्यात में लगातार हो रही गिरावट को देखते हुए यह राहत काफी कम है। पिछले तीन महीने से निर्यात में गिरावट हो रही है। वैश्विक हालात को देखते हुए मई महीने के निर्यात में भी गिरावट की आशंका है। निर्यातकों के मुताबिक सरकार को नए बाजार में निर्यात पर भी इंसेंटिव देने की घोषणा करनी चाहिए।

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