Wednesday, June 17, 2015

रिजर्व बैंक इस साल और नहीं घटाएगा ब्याज दरें

उद्योग और कारोबार जगत जहां आने वाले दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में और कटौती किए जाने की उम्मीद कर रहा है, वहीं ग्लोबल स्तर पर वित्तीय और आर्थिक गतिविधियों से जड़े एचएसबीसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई द्वारा इस साल अब दरों में और कटौती की संभावना नहीं है।

एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस साल बारिश में कमी का प्रतिकूल असर खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है। इससे ग्रामीण इलाकों से आने वाली मांग भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आरबीआई की ओर से दरों में और कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती।

रिपोर्ट में कहा गया है कि संभावित अलनीनो प्रभाव के देश के आर्थिक हालात पर होने वाले असर को कम नहीं आंका जाना चाहिए। दुनिया भर से मिल रही जानकारी के मुताबिक अलनीनो प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है और साल की अंतिम छमाही में इसका असर गहराता दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बारिश में कमी का सीधा असर खाद्य महंगाई पर देखने को मिलेगा और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में माग असरदार ढंग से प्रभावित होगी। हालांकि यह असर काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करेगा कि सरकार इस अवधि में खाद्य प्रबंधन कैसे करती है।

एचएसबीसी के भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी का कहना है कि ऐसे हालात में रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दर में और कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसके अलावा दरों में और कटौती किया जाना सरकारी की ओर से किए जाने वाले ढांचागत सुधारों, खाद्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचे और सरकार की कृषि नीति जैसी चीजों पर भी काफी हद तक निर्भर करेगी। गौरतलब है कि आरबीआई 2 जून को अपनी पिछली मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में चौथाई फीसदी की कटौती कर चुका है।

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