कंपनियों में भर्तियों के माहौल को लेकर भारत दुनिया भर में दूसरे नंबर पर रहा। हालांकि आने वाले तीन महीनों के दौरान भर्तियों की रफ्तार में धीमापन देखने को मिल सकता है। यह अनुमान ग्लोबल स्टाफिंग फर्म मैनपावर ग्रुप की एक रिपोर्ट में जताया गया है।
मैनपावर के तिमाही ग्लोबल इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के मुताबिक भर्तियों के मामले में ताइवान दुनिया भर सबसे अव्वल रहा। रिपोर्ट में भारत के बारे में अनुमान जताया गया है कि आगामी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान देश में भर्तियों की रफ्तार नई शुरू होने वाली कंपनियों और ग्रामीण व अर्ध शहरी इलाकों से आने वाली मांग के स्तर पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में देश भर से शामिल कुल 5,007 नियोक्ताओं में से 37 फीसदी की धारणा भर्तियों को लेकर सकारात्मक है। रोजगार तलाशने वाले लोगों को बाजार की इस बेहतर स्थिति का लाभ आने वाले महीनों में मिल सकेगा। आगामी तिमाही में कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद नियुक्तियों की रफ्तार पिछली तिमाही (अप्रैल-जून) और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में धीमी रहेगी।
समूचे माहौल में यह सुधार सरकारी की ओर से उठाए जाने वाले कदमों, नीतिगत स्तर पर काम होने और अर्थव्यवस्था में तेजी लौटने के बीच नए उद्यम शुरू होने के चलते आएगा। हालांकि सालाना आधार पर सर्वे में शामिल सभी सात सेक्टरों में भर्तियों की रफ्तार में अगली तिमाही सुस्ती दिखाई देगी, जबकि तिमाही आधार पर पांच सेक्टरों की रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी। सात सेक्टरों में सबसे बेहतर स्थिति खनन और निर्माण (कंस्ट्रक्शन) जैसे सेक्टरों में रहेगी। इसके अलावा वित्त, बीमा, रीयल एस्टेट, आईटी और रिटेल सेक्टर में भी सकारात्मक स्थिति रहेगी।
सर्वे के मुताबिक भर्तियों के परिदृश्य की दृष्टि से ताइवान और भारत के बाद जापान, हांगकांग, और अमेरिका का नंबर रहा। दूसरी ओर सबसे कमजोर और नकारात्मक परिदृश्य इटली और ब्राजील का रहा।
मैनपावर ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक एजी राव का कहना है कि कंपनियों द्वारा देश के ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाने के चलते इस साल भर्तियों की स्थिति सकारात्मक बनी रहेगी। ऐसे में नौकरी तलाशने वालों के लिए यह वक्त अच्छा रहेगा। विस्तार की प्रक्रिया विभिन्न सेक्टरों में देखने को मिलेगी। नई कंपनियों (स्टार्ट अप) के मैदान में उतरने से भी रोजगार के परिदृश्य में सुधार देखने को मिलेगा।
मैनपावर के तिमाही ग्लोबल इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के मुताबिक भर्तियों के मामले में ताइवान दुनिया भर सबसे अव्वल रहा। रिपोर्ट में भारत के बारे में अनुमान जताया गया है कि आगामी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान देश में भर्तियों की रफ्तार नई शुरू होने वाली कंपनियों और ग्रामीण व अर्ध शहरी इलाकों से आने वाली मांग के स्तर पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में देश भर से शामिल कुल 5,007 नियोक्ताओं में से 37 फीसदी की धारणा भर्तियों को लेकर सकारात्मक है। रोजगार तलाशने वाले लोगों को बाजार की इस बेहतर स्थिति का लाभ आने वाले महीनों में मिल सकेगा। आगामी तिमाही में कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद नियुक्तियों की रफ्तार पिछली तिमाही (अप्रैल-जून) और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में धीमी रहेगी।
समूचे माहौल में यह सुधार सरकारी की ओर से उठाए जाने वाले कदमों, नीतिगत स्तर पर काम होने और अर्थव्यवस्था में तेजी लौटने के बीच नए उद्यम शुरू होने के चलते आएगा। हालांकि सालाना आधार पर सर्वे में शामिल सभी सात सेक्टरों में भर्तियों की रफ्तार में अगली तिमाही सुस्ती दिखाई देगी, जबकि तिमाही आधार पर पांच सेक्टरों की रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी रहेगी। सात सेक्टरों में सबसे बेहतर स्थिति खनन और निर्माण (कंस्ट्रक्शन) जैसे सेक्टरों में रहेगी। इसके अलावा वित्त, बीमा, रीयल एस्टेट, आईटी और रिटेल सेक्टर में भी सकारात्मक स्थिति रहेगी।
सर्वे के मुताबिक भर्तियों के परिदृश्य की दृष्टि से ताइवान और भारत के बाद जापान, हांगकांग, और अमेरिका का नंबर रहा। दूसरी ओर सबसे कमजोर और नकारात्मक परिदृश्य इटली और ब्राजील का रहा।
मैनपावर ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक एजी राव का कहना है कि कंपनियों द्वारा देश के ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाने के चलते इस साल भर्तियों की स्थिति सकारात्मक बनी रहेगी। ऐसे में नौकरी तलाशने वालों के लिए यह वक्त अच्छा रहेगा। विस्तार की प्रक्रिया विभिन्न सेक्टरों में देखने को मिलेगी। नई कंपनियों (स्टार्ट अप) के मैदान में उतरने से भी रोजगार के परिदृश्य में सुधार देखने को मिलेगा।
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