बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले के उत्पाद मैगी नूडल्स पर कई राज्यों द्वारा प्रतिबंध लगाने के बीच कंपनी ने देश भर की दुकानों से इसे वापस लेने की घोषणा की। हालांकि कंपनी ने कहा है कि उनके उत्पाद में कोई गड़बड़ी नहीं है बल्कि ग्राहकों में असमंजस की स्थिति नहीं रहे, इसके लिए ऐसा कर रहे हैं।
नेस्ले के ग्लोबल सीईओ पॉल बल्के ने यहां शुक्रवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि भारत में मैगी पर जो विवाद हो रहा है, उससे ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति है। ग्राहकों का विश्वास इस उत्पाद पर बना रहे, इसके लिए देश भर में इसकी बिक्री रोकने का निर्णय लिया गया।
जब उनसे पूछा गया कि मैगी में लेड या एमएसजी की कितनी मात्रा है तो उन्होंने बताया कि इसमें इन रसायनों की उपस्थिति शून्य है और उनका उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित है। उनका कहना है कि वह मैगी में अलग से इस तरह का कोई रसायन नहीं मिलाते। कंपनी ने मैगी के 1000 बैच में से सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच करायी है और सारे सैंपल सुरक्षित पाये गए।
उनसे जब यह पूछा गया कि विभिन्न राज्यों ने जो सैंपल जांच करायी, उसमें प्रयोगशाला की रिपोर्ट गलत है, इस पर उनका कहना था कि नेस्ले को यह नहीं पता कि उन प्रयोगशालाओं ने जांच के दौरान क्या प्रक्रिया अपनायी। लेकिन इतना तय है कि उनका उत्पाद सुरक्षित है। पॉल बल्के ने बताया जब यह विवाद थम जाएगा तो वह फिर से मैगी का उत्पादन शुरू करेंगे। उसके बाद जो उत्पाद बाजार में आएगा, उसमें लिखा होगा ‘नो एमएसजी’।
इस बीच खाद्य क्षेत्र में केन्द्रीय नियामक एफएसएसएआई ने मैगी टू मिनट नूडल्स को मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए ‘असुरक्षित एवं खतरनाक’ बताते हुए इसका उत्पादन, आयात और बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने और उत्पाद को वापस मंगाने का निर्देश दिया है। यही नहीं एजेंसी ने कहा है कि नेस्ले ने ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’ को बिना प्रोडक्ट अप्रूवल लिये बाजार में उतार दिया है। इसके लिए अभी तक रिस्क और सेफ्टी असेसमेंट हुआ ही नहीं है।
एफएसएसएआई ने कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस भी भेजा है कि उसके सभी नौ उत्पादों को दिए गए प्रोडक्ट अप्रूवल को क्यों नहीं वापस ले लिया जाए। नेस्ले को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एजेंसी के मुताबिक नेस्ले ने मैगी ओट्स मसाला नूडल्स के लिए पिछले जुलाई में प्रोडक्ट अप्रूवल का आवेदन दिया था। इस पर कुछ स्पष्टीकरण मांगा गया था और यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। तब भी कंपनी ने इसे बाजार में उतार दिया ।
नेस्ले के ग्लोबल सीईओ पॉल बल्के ने यहां शुक्रवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि भारत में मैगी पर जो विवाद हो रहा है, उससे ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति है। ग्राहकों का विश्वास इस उत्पाद पर बना रहे, इसके लिए देश भर में इसकी बिक्री रोकने का निर्णय लिया गया।
जब उनसे पूछा गया कि मैगी में लेड या एमएसजी की कितनी मात्रा है तो उन्होंने बताया कि इसमें इन रसायनों की उपस्थिति शून्य है और उनका उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित है। उनका कहना है कि वह मैगी में अलग से इस तरह का कोई रसायन नहीं मिलाते। कंपनी ने मैगी के 1000 बैच में से सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच करायी है और सारे सैंपल सुरक्षित पाये गए।
उनसे जब यह पूछा गया कि विभिन्न राज्यों ने जो सैंपल जांच करायी, उसमें प्रयोगशाला की रिपोर्ट गलत है, इस पर उनका कहना था कि नेस्ले को यह नहीं पता कि उन प्रयोगशालाओं ने जांच के दौरान क्या प्रक्रिया अपनायी। लेकिन इतना तय है कि उनका उत्पाद सुरक्षित है। पॉल बल्के ने बताया जब यह विवाद थम जाएगा तो वह फिर से मैगी का उत्पादन शुरू करेंगे। उसके बाद जो उत्पाद बाजार में आएगा, उसमें लिखा होगा ‘नो एमएसजी’।
इस बीच खाद्य क्षेत्र में केन्द्रीय नियामक एफएसएसएआई ने मैगी टू मिनट नूडल्स को मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए ‘असुरक्षित एवं खतरनाक’ बताते हुए इसका उत्पादन, आयात और बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने और उत्पाद को वापस मंगाने का निर्देश दिया है। यही नहीं एजेंसी ने कहा है कि नेस्ले ने ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’ को बिना प्रोडक्ट अप्रूवल लिये बाजार में उतार दिया है। इसके लिए अभी तक रिस्क और सेफ्टी असेसमेंट हुआ ही नहीं है।
एफएसएसएआई ने कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस भी भेजा है कि उसके सभी नौ उत्पादों को दिए गए प्रोडक्ट अप्रूवल को क्यों नहीं वापस ले लिया जाए। नेस्ले को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एजेंसी के मुताबिक नेस्ले ने मैगी ओट्स मसाला नूडल्स के लिए पिछले जुलाई में प्रोडक्ट अप्रूवल का आवेदन दिया था। इस पर कुछ स्पष्टीकरण मांगा गया था और यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। तब भी कंपनी ने इसे बाजार में उतार दिया ।
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