Tuesday, June 16, 2015

एयर इंडिया यात्रियों को दिल्ली, मुंबई में ही मिल सकती है अमेरिकी प्रीक्लियरेंस

सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया की कोशिश रंग लाई, तो भारत से अमेरिका जाने वाले यात्रियों को कस्टम क्लियरेंस और इमिग्रेशन की सुविधा अब भारत के दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर भी मिल सकेगी। इस समय आबू धाबी, कनाडा, कुछ कैरिबियाई देश और आयरलैंड के हवाई अड्डे पर अमेरिकी प्रीक्लियरेंस की सुविधा उपलब्ध है।

एयर इंडिया ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह उनके यात्रियों के लिए दिल्ली एवं मुंबई हवाई अड्डे पर अमेरिकी प्रीक्लियरेंस सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करे। यदि ऐसा होता है, तो भारत से अमेरिका जाने वाले यात्री यहां से क्लियरेंस करवा कर विमान में चढ़ेंगे और अमेरिकी हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उसी तरह चल देंगें जैसे कि कोई घरेलू यात्री हो।

अमेरिका के कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) कार्यक्रम के अनुसार वहां आने वाले हर विदेशी यात्री को इमिग्रेशन, कस्टम और एग्रीकल्चर क्लियरेंस करवाना पड़ता है। इसके लिए वहां के हवाई अड्डों पर लंबी लाइन लगती है और यह काफी थकाऊ काम माना जाता है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने दुनिया के कुछ हवाई अड्डों पर प्रीक्लियरेंस की सुविधा दे रखी है, जिनमें पश्चिम एशिया का आबू धाबी हवाई अड्डा भी शामिल है।

 इन दिनों एयर इंडिया की नींद इसलिए उड़ी हुई है कि उसकी के अमेरिका जाने वाले डाइरेक्ट फ्लाइटों में यात्रियों की संख्या में गिरावट आ रही है। आबू धाबी के इतिहाद एयरवेज से भारतीय विमानन कंपनी जेट एयरवेज का समझौता है और जेट एयरवेज देश के 23 हवाई अड्डों से आबू धाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की तैयारी में है। यदि ऐसा हुआ, तो भारत से अमेरिका जाने वाले यात्री इतिहाद एयरवेज ही पंसद करेंगे। इसलिए एयर इंडिया ने भी यहीं अपने यात्रियों को अमेरिकी प्रीक्लियरेंस सुविधा देने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

No comments:

Post a Comment