डिस्कवरी चैनल पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग पर खास कार्यक्रम ‘द स्टोरी ऑफ योगा’ प्रसारित करने जा रहा है। 21 जून को रात 9 बजे प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में योग के जरिए शरीर, मन और आत्मा को एकाकार करने पर विस्तृत जानकारी दर्शकों को दी जाएगी। इसमें योग की उत्पत्ति से लेकर उसकी अबतक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। यह कार्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु और बांग्ला भाषा में दिखाया जाएगा।
एक घंटे के इस कार्यक्रम में योग के उद्भव, उद्विकास, आध्यात्मिता, योग के रहस्यों और उसके सांस्कृतिक पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग के भारत से निकल कर पश्चिमी जगत में पहुंचने और वहां के आधुनिकतावादी समाज में इस पारंपरिक विधा के लोकप्रिय होने की कहानी भी दिखाई जाएगी।
डिस्कवरी नेटवर्क एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ईवीपी व जीएम दक्षिण एशिया राहुल जौहरी ने बताया कि ‘द स्टोरी ऑफ योगा’ कार्यक्रम में योग की प्राचीनता से लेकर आधुनिक जीवन शैली के साथ इसके समन्वय तक को सम्मिलित करते हुए इस विषय पर गहरी और व्यापक जानकारी दर्शकों को मुहैया कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि योग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई पहल के साथ जुड़कर हम खासे उत्साहित हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका रही है। योग को एक जनआंदोलन में परिवर्तित करके इसे दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने को लेकर उनके उत्साह और पहल का हम सम्मान करते हैं।
गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान साल में एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाए जाने की अपील की थी। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। इस साल पहली बार दुनिया में इसे मनाया जाएगा।
कार्यक्रम में योग के परंपरागत दृष्टि कोण के साथ इसकी अनूठी शैलियों को भी पेश किया जाएगा। इसके साथ ही इसमें योग सिखाने वाले नई पीढ़ी के गुरुओं-प्रशिक्षकों और संस्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इनमें पुणे स्थित आयंगर स्कूल, मुंगेर का बिहार स्कूल ऑफ योग, पांडिचेरी का आंतरिक योग संस्थान, ऋषिकेश का शिवानंद आश्रम शामिल है। कार्यक्रम में इन योगपीठों में योग की ऐसी तकनीकों और दर्शन को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे आमतौर पर लोग परिचित नहीं हैं।
एक घंटे के इस कार्यक्रम में योग के उद्भव, उद्विकास, आध्यात्मिता, योग के रहस्यों और उसके सांस्कृतिक पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग के भारत से निकल कर पश्चिमी जगत में पहुंचने और वहां के आधुनिकतावादी समाज में इस पारंपरिक विधा के लोकप्रिय होने की कहानी भी दिखाई जाएगी।
डिस्कवरी नेटवर्क एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ईवीपी व जीएम दक्षिण एशिया राहुल जौहरी ने बताया कि ‘द स्टोरी ऑफ योगा’ कार्यक्रम में योग की प्राचीनता से लेकर आधुनिक जीवन शैली के साथ इसके समन्वय तक को सम्मिलित करते हुए इस विषय पर गहरी और व्यापक जानकारी दर्शकों को मुहैया कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि योग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई पहल के साथ जुड़कर हम खासे उत्साहित हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका रही है। योग को एक जनआंदोलन में परिवर्तित करके इसे दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने को लेकर उनके उत्साह और पहल का हम सम्मान करते हैं।
गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान साल में एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाए जाने की अपील की थी। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। इस साल पहली बार दुनिया में इसे मनाया जाएगा।
कार्यक्रम में योग के परंपरागत दृष्टि कोण के साथ इसकी अनूठी शैलियों को भी पेश किया जाएगा। इसके साथ ही इसमें योग सिखाने वाले नई पीढ़ी के गुरुओं-प्रशिक्षकों और संस्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इनमें पुणे स्थित आयंगर स्कूल, मुंगेर का बिहार स्कूल ऑफ योग, पांडिचेरी का आंतरिक योग संस्थान, ऋषिकेश का शिवानंद आश्रम शामिल है। कार्यक्रम में इन योगपीठों में योग की ऐसी तकनीकों और दर्शन को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे आमतौर पर लोग परिचित नहीं हैं।
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