Wednesday, June 17, 2015

काम में देरी के चलते रद्द हुई 22 सेज की मंजूरी

विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के काम में देरी करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय की सेज मंजूरी समिति ने 22 सेज की औपचारिक मंजूरी को रद्द कर दिया। मंत्रालय इन 22 सेज के डेवलपर्स के रवैये से संतुष्ट नहीं था। इनमें से कई सेज ऐसे हैं, जिन्हें आठ-नौ साल पहले मंजूरी दी गई, लेकिन उनका अब तक विकास नहीं हो पाया था। अधिकतर सेज आईटी व आईटीईएस क्षेत्र के हैं।

मंत्रालय के मुताबिक जिन 22 सेज की औपचारिक मंजूरी को रद्द किया गाय है, उनमें सात सेज हरियाणा के हैं तो चार सेज उत्तर प्रदेश में थे। इन सभी सेज को वर्ष 2007-2010 के बीच में मंजूरी दी गई थी। हरियाणा के जिन सेज को रद्द किया गया है उनमें आईटी व आईटीएस क्षेत्र के सोहना स्थ्ति प्रोग्रेसिव बिल्डएस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के सेज, गुड़गांव स्थित जीएचआई फिनलीज एंड इंवेस्टमेंट लिमिटेड के सेज, सजवाइज प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के सेज, मोहन इंवेस्टमेंट एंड प्रोपर्टीज के सेज, सोहना बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के सेज रोज व्यू प्रोमोटर्स के सेज शामिल हैं।

 वहीं उत्तर प्रदेश के सेज में ग्रेटर नोएडा स्थित आरसी इंफोसिस्टम के सेज, नोएडा स्थित आईवीआर प्राइम आईटी सेज, ग्रेटर नोएडा के उप्पल हाउसिंग के सेज तो नोएडा स्थित सर्वमंगल रियल टेक के सेज शामिल हैं। रद्द होने वाले सेज में हरियाणा व उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश के सेज भी शामिल हैं। इनमें से दो-तीन सेज को वर्ष 2006 में मंजूरी दी गई थी। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक इन सेज को विकसित करने में डेवलपर्स की तरफ से उठाए गए कदम से मंत्रालय बिल्कुल संतुष्ट नहीं था।

 सूत्रों केमुताबिक सेज की मंजूरी को रद्द करने केफैसले से सरकार उन सभी सेज डेवलपर्स को यह संदेश देना चाहती है कि जल्द से जल्द सेज विकास के प्रयास में तेजी नहीं लाने पर उनके सेज की मंजूरी को भी रद्द कर दिया जाएगी। जिन सेज की मंजूरी को रद्द किया गया है, उनके इलाके विकास आयुक्त इस बात की जांच करेंगे कि कहीं इनमें से कोई डेवलपर सेज के तहत मिलने वाला सरकारी लाभ तो नहीं लिया है और अगर लिया है तो उस डेवलपर को वह लाभ लौटाना पड़ेगा।

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