मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2014-15) के उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। बीती तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने शुद्ध मुनाफे में 8.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।
इस अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6,381 करोड़ रुपये रहा है। रिफायनरी के कारोबार में ऊंचे मार्जिन की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जनवरी-मार्च में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 6,381 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 5,381 करोड़ रुपये था। 2014-15 वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में तेल कीमतों में गिरावट के कारण राजस्व 1,03,428 करोड़ रुपये से गिर कर 67,470 करोड़ रुपये रह गया है।
आरआईएल ने 10 रुपये प्रति शेयर लाभांश की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि ऐसे समय में जबक कच्चे तेल की कीमतों ने हाइड्रोकार्बन बाजार को अस्थिर किया है हमारे रिफायनरी के कारोबार ने रिकार्ड आय अर्जित की है।
बीती तिमाही में रिलायंस का कंसोलिडेटेड मुनाफा 21.4 फीसदी बढ़कर 6381 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड मुनाफा 5256 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 28 फीसदी घटकर 67470 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 93528 करोड़ रुपये रही थी।
31 मार्च 2015 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऊपर 1.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था और इसी दौरान कंपनी के पास 84,742 करोड़ रुपये की नकदी रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 रिलांयस के लिए काफी अहम रहा है। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट रही है। लेकिन कंपनी की रिफाइनिंग आमदनी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। हाइड्रोकार्बन कारोबार, टेक्नोलॉजी में निवेश का फैसला सफल रहा है।
इस अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6,381 करोड़ रुपये रहा है। रिफायनरी के कारोबार में ऊंचे मार्जिन की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जनवरी-मार्च में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 6,381 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 5,381 करोड़ रुपये था। 2014-15 वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में तेल कीमतों में गिरावट के कारण राजस्व 1,03,428 करोड़ रुपये से गिर कर 67,470 करोड़ रुपये रह गया है।
आरआईएल ने 10 रुपये प्रति शेयर लाभांश की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि ऐसे समय में जबक कच्चे तेल की कीमतों ने हाइड्रोकार्बन बाजार को अस्थिर किया है हमारे रिफायनरी के कारोबार ने रिकार्ड आय अर्जित की है।
बीती तिमाही में रिलायंस का कंसोलिडेटेड मुनाफा 21.4 फीसदी बढ़कर 6381 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड मुनाफा 5256 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 28 फीसदी घटकर 67470 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 93528 करोड़ रुपये रही थी।
31 मार्च 2015 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऊपर 1.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था और इसी दौरान कंपनी के पास 84,742 करोड़ रुपये की नकदी रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 रिलांयस के लिए काफी अहम रहा है। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट रही है। लेकिन कंपनी की रिफाइनिंग आमदनी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। हाइड्रोकार्बन कारोबार, टेक्नोलॉजी में निवेश का फैसला सफल रहा है।

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