भारत में ढेर सारे ऐसे टूरिस्ट स्पॉट हैं, जिन्हें देख कर पर्यटक हैरान रह जाते हैं, पर के अभाव में लोग इन स्थानों तक नहीं पहुंच पाते। इसे देखते हुए पर्यटन मंत्रालय एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिससे देश के पर्यटन स्थलों की न सिर्फ जानकारी मिलेगी, बल्कि वहां सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके लिए मंत्रालय अगले वर्ष से स्वदेश दर्शन योजना के शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत चार नए विषय वस्तु आधारित (थीम बेस्ड) टूरिज्म सर्किटों का विकास किया जाएगा। इन चार सर्किटों में वन्य जीव, अध्यात्म, मरुस्थल और रामायण शामिल हैं। यह चार सर्किट उन पांच सर्किटों के अतिरिक्त हैं, जिन्हें पर्यटन मंत्रालय पहले से विकसित कर रहा है।
वन्य जीव सर्किट में राष्ट्रीय उद्यान और अभयरण्यों को शामिल किया जाएगा। अध्यात्म सर्किट में सभी धर्मों के प्रख्यात तीर्थ स्थलों को शामिल किया जाएगा। देखा जाए तो भारत इस मामले में अनूठा देश है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई धर्म से जुड़े कई तीर्थ स्थल मौजूद हैं। बस जरूरत है इसे सही ढंग से विकसित करने की और उसे प्रचारित करने की। इसी शृंखला में तीसरा मरुस्थल सर्किट होगा, जिसमें राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध थार रेगिस्तान के पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाएगा। चौथा सर्किट रामायण पर आधारित होगा जिसमें अध्योध्या, सीतामढ़ी, सेतु बांध रामेश्वरम, धनुष्कोटि और चित्रकूट अदि स्थल शामिल होंगे।
इससे पहले पर्यटन मंत्रालय मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार नेनेशनल मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म बोर्ड स्थापित करने की घोषणा कर चुकी है। यह बोर्ड उन पर्यटकों की मदद करेगा, जो देश में हेल्थ केयर संबंधी जरूरतों के लिए आते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बोर्ड में मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा अस्पताल, होटेलियर्स, मेडिकल एक्सपर्ट और टूर ऑपरेटर्स को भी शामिल किया जाएगा।
विकसित देशों की तुलना में जो लोग कम कीमत पर बेहतर मेडिकल केयर की जगह तलाश रहे हैं, उनके लिए भारत एक किफायती गंतव्य है। इससे वैकल्पिक ट्रीटमेंट जैसे योग, आयुर्वेद और यूनानी को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुसंधान फर्म केपीएमजी की पिछले साल जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया में टॉप थ्री मेडिकल टूरिज्म डेस्टीनेशन में थाईलैंड और सिंगापुर के साथ ही भारत भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कम खर्च में तो उपचार होता ही है, यहां क्वालिटी हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहद अनुभवी और उच्च कोटि के प्रशिक्षित डाक्टर भी उपलब्ध हैं।

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