कौन सी ट्रेन कितना लेट चलती है या किस गाड़ी में वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना ज्यादा है। रेल यात्रियों के इस सवाल के समाधान में उनकी मदद के लिए रेलयात्री डॉट इन ने एक नया 'रेलयात्री इन्साइट्स' ऐप तैयार किया है।
नोएडा की कंपनी की ओर से तैयार किया गया यह ऐप यात्रियों को यह बताता है कि किस गाड़ी में किस सीजन में औसतन कितने नंबर तक के वेटिंग टिकट कन्फर्म हो जाते हैं या गाड़ी महीने में औसतन कितनी देरी से पहुंचती है। इससे ग्राफ के जरिए कोई यह भी पता लगा सकता है कि गाड़ी विशेष में किन दो स्थानों के बीच सबसे अधिक लोग सफर करते हैं या किस स्टेशन से सबसे ज्यादा लोग चढ़ते-उतरते हैं।
रेलयात्री डॉट इन के सह-संस्थापक एवं सीईओ मनीष राठी ने अपने ऐप की खासियतों का खुलासा करते हुए बताया कि रेलवे की (आईआरसीटीसी इंडियन रेलवे कैटनिंग ऐंड टूरीज्म कॉर्पोरेशन) साइट या रेलवे आरक्षण क्लर्क आप को यह नहीं बताएगा कि किस गाड़ी में प्रतीक्षा सूची का टिकट कन्फर्म होने की संभावना ज्यादा है या गाड़ी के समय से पहुंचने की संभावना क्या है।
रेलयात्री इन साइट्स छिपी हुई लेकिन उपयोगी जानकारियों का खुलासा करता है। उन्होंने बताया कि यह टूल 8,000 रेलवे स्टेशनों एवं 2,000 से अधिक मार्गों से यात्रा करने वाले 5 करोड़ से अधिक यात्रियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।
इस ऐप की एक खासियत यह भी है कि यह गाड़ी के मार्ग में जगह-जगह ' मोबाइल कनेक्टिविटी' की स्थिति की भी जानकारी देता है। यह ऐप अभी नेट आधारित है। इसे जल्दी ही मोबाइल आधारित बनाने की तैयारी है।
नोएडा की कंपनी की ओर से तैयार किया गया यह ऐप यात्रियों को यह बताता है कि किस गाड़ी में किस सीजन में औसतन कितने नंबर तक के वेटिंग टिकट कन्फर्म हो जाते हैं या गाड़ी महीने में औसतन कितनी देरी से पहुंचती है। इससे ग्राफ के जरिए कोई यह भी पता लगा सकता है कि गाड़ी विशेष में किन दो स्थानों के बीच सबसे अधिक लोग सफर करते हैं या किस स्टेशन से सबसे ज्यादा लोग चढ़ते-उतरते हैं।
रेलयात्री डॉट इन के सह-संस्थापक एवं सीईओ मनीष राठी ने अपने ऐप की खासियतों का खुलासा करते हुए बताया कि रेलवे की (आईआरसीटीसी इंडियन रेलवे कैटनिंग ऐंड टूरीज्म कॉर्पोरेशन) साइट या रेलवे आरक्षण क्लर्क आप को यह नहीं बताएगा कि किस गाड़ी में प्रतीक्षा सूची का टिकट कन्फर्म होने की संभावना ज्यादा है या गाड़ी के समय से पहुंचने की संभावना क्या है।
रेलयात्री इन साइट्स छिपी हुई लेकिन उपयोगी जानकारियों का खुलासा करता है। उन्होंने बताया कि यह टूल 8,000 रेलवे स्टेशनों एवं 2,000 से अधिक मार्गों से यात्रा करने वाले 5 करोड़ से अधिक यात्रियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।
इस ऐप की एक खासियत यह भी है कि यह गाड़ी के मार्ग में जगह-जगह ' मोबाइल कनेक्टिविटी' की स्थिति की भी जानकारी देता है। यह ऐप अभी नेट आधारित है। इसे जल्दी ही मोबाइल आधारित बनाने की तैयारी है।

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