सरकार मोबाइन नंबर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया को आसान करने जा रही है। यानी आप अगर अपनी मौजूदा टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी से खुश नहीं हैं, तो ज्यादा झंझट किए बिना आप अपने मौजूदा मोबाइल नंबर पर ही दूसरी कंपनी की सेवाएं हासिल कर सकेंगे। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस बारे में सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किया है।
ट्राई ने अपने निर्देश में टेलीकॉम कंपनियों से कहा गया है कि वह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए ग्राहक से सिर्फ घोषण पत्र लें। ट्राई ने यह निर्देश सभी सेलुलर मोबाइल टेलीफोन सर्विस लाइसेंसेज, यूनिफायड सर्विसेज लाइसेंसेज को जारी किया है।
आगामी तीन मई से मोबाइल उपभोक्ता नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिए देश के किसी भी कोने में अपने पुराने मोबाइल फोन नंबर को जारी रख सकते हैं। अब तक यह सुविधा देश भर के लिए नहीं थी। ट्राई की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक मोबाइल उपभोक्ता को नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को यह घोषणा पत्र देना होगा कि यह मोबाइल नंबर उनके नाम पर है।
इसके अतिरिक्त उन्हें टेलीकॉम कंपनियों को कोई दस्तावेज नहीं सौंपने होंगे। अगर टेलीकॉम कंपनियां यह पाती है कि वह नंबर उस उपभोक्ता के नाम पर नहीं है तो दिए गए नंबर को काट दिया जाएगा। पिछले साल जून में पूर्ण नंबर पोर्टेबिलिटी को लागू करने का फैसला किया गया था। अभी उपभोक्ता टेलीकॉम कंपनियों की समान सर्किल में ही जगह बदलने पर अपने नंबर को कायम रख सकता है। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से यह भी कहा है कि उनके निर्देश पर क्या अमल किया गया, यह भी जानकारी दी जाए।
ट्राई ने अपने निर्देश में टेलीकॉम कंपनियों से कहा गया है कि वह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए ग्राहक से सिर्फ घोषण पत्र लें। ट्राई ने यह निर्देश सभी सेलुलर मोबाइल टेलीफोन सर्विस लाइसेंसेज, यूनिफायड सर्विसेज लाइसेंसेज को जारी किया है।
आगामी तीन मई से मोबाइल उपभोक्ता नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिए देश के किसी भी कोने में अपने पुराने मोबाइल फोन नंबर को जारी रख सकते हैं। अब तक यह सुविधा देश भर के लिए नहीं थी। ट्राई की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक मोबाइल उपभोक्ता को नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को यह घोषणा पत्र देना होगा कि यह मोबाइल नंबर उनके नाम पर है।
इसके अतिरिक्त उन्हें टेलीकॉम कंपनियों को कोई दस्तावेज नहीं सौंपने होंगे। अगर टेलीकॉम कंपनियां यह पाती है कि वह नंबर उस उपभोक्ता के नाम पर नहीं है तो दिए गए नंबर को काट दिया जाएगा। पिछले साल जून में पूर्ण नंबर पोर्टेबिलिटी को लागू करने का फैसला किया गया था। अभी उपभोक्ता टेलीकॉम कंपनियों की समान सर्किल में ही जगह बदलने पर अपने नंबर को कायम रख सकता है। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से यह भी कहा है कि उनके निर्देश पर क्या अमल किया गया, यह भी जानकारी दी जाए।

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