मारुति, महिंद्रा, फोर्ड और टोयोटा जैसी प्रमुख कार निर्माता कंपनियों के बाद अब फ्रांस की रेनो भी पुरानी कारों के कारोबार में कदम रखने जा रही है। रेनो ने इस साल की दूसरी छमाही में भारत में सेकेंड हैंड कारों के बाजार में उतरने की योजना बनाई है।
वह देश के कार बाजार में में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पुरानी कारों के कारोबार में हाथ आजमा रही है विचार कर रही है। इसके तहत रेनो ने वर्ष 2016 के अंत तक पुरानी कारों के बाजार में 5 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
रेनो के सीईओ और एमडी सुमित सावने ने बताया कि इस वेंचर के माध्यम के द्वारा हम भारतीय ग्राहकों को अपनी कार बेचने का एक बेहतर प्लेटफॉर्म देना चाहते हैं। हम इस साल की दूसरी छमाही में सैकेंड हैंड कारों का कारोबार शुरू करने जा रहे हैं। भविष्य में वृद्धि के लिए यह महत्वपूर्ण है। हमने महसूस किया कि ग्राहकों को सही मंच प्रदान करने की जरूरत है, जहां वह पुरानी कारें बेच सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल पायलट आधार पर पुरानी कारों के कारोबार को आंतरिक तौर पर परीक्षण कर रही है।
गौरलतब है कि रेनो ने भारतीय बाजार में अब तक अपने 6 मॉडल पेश किए हैं। रेनो ने हाल ही में मल्टी पर्पज व्हीकल लॉगी पेश की है। मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी ने बिक्री को दोगुना करते हुए 1 लाख वाहन बेचने का लक्ष्य तय किया है।

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