Wednesday, April 15, 2015

30 फीसदी की दर से बढ़ रहा है डिजिटल एडवरटाइजिंग का बाजार

स्मार्टफोन और टेबलेट के जरिए इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने  डिजिटल एडवरटाइजिंग के कारोबार को नई तेजी दे दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2015 तक डिजिटल विज्ञापन बाजार सालाना लगभग 30 फीसदी की दर से बढ़ते हए 36.75 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। एसोचैम-डेलॉय के संयुक्त अध्ययन में यह बात कही गई है। अध्ययन में कहा गया है कि डिजिटल एडवर्टाइजमेंट में लचीलापन है और किसी भी तरह की डिवाइस जैसे टेलीविजन, लैपटॉप, टेबलेट या स्मार्टफोन के लिए इसे अपनाया जा सकता है। दोनो तरफ बातचीत करने की क्षमता और विज्ञापन को लक्षित दर्शकों के अनुरूप बनाने की क्षमता डिजिटल मार्केटिंग को अधिक प्रभावी बनाती है।
उद्योगों पर संसदीय स्थाई समिति के चेयरमैन व जदयू के सांसद केसी त्यागी ने चौथे नेशनल कान्क्लेव ऑन ई- कॉमर्स इंडिया पर एसोचैम के सम्मेलन को संबोधित करते केसी त्यागी ने संयुक्त अध्ययन जारी करते हुए कहा कि विभिन्न डिवाइसेज पर ई कॉमर्स अप्लीकेशंस की उपलब्धता बिक्री और राजस्व बढ़ाने में मदद कर रही है। डेलॉय इंडिया के टीएमटी लीडर के पार्टनर हेमंत जोशी ने कहा कि वैश्विक कंपनियों जैसे अमेजॉन और अलीबाबा की पैरेंट कंपनियों के पास बड़े पैमाने पर पैसा है, जिससे वे फंडिंग के लिए लगातार पैसा हासिल कर सकती हैं। घरेलू कंपनियों को इस सेक्टर में निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए निश्चित रूप से अलग मेट्रिक्स की जरूरत होगी।
ई-कॉमर्स कारोबार में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का भारत जैसे बड़े देश में प्रबंधन करना बेहद जटिल है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में पहुचने के लिए पूरी तरह से विकसित नहीं है। इसके अलावा ई कॉरोबार के लिए कर से जुड़ी नीतियां पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। वस्तुओं ओर सेवाओं की ऑनलाइन बिक्री के सौदों से जटिलता और बढ़ जाती है। इसके अलावा ई कारोबारी सेक्युरिटी सॉल्यूशन लगाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाते, जो ग्राहकों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से रोकता है। अलीबाबाडॉटकॉम, इंडिया के कंट्री जनरल मैनेजर, खालिद इसर ने कहा कि ई कॉमर्स का भविष्य उज्जवल है और ग्रोथ मोबाइल प्लेटफार्म, पर्सनलाइजेशन, सोशल मीडिया एनॉलिटिक्स, ओमनी-चैनल सर्विस और शेयरिंग इकॉनमी बिजनेस मॉडल से आएगी।

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