Monday, April 6, 2015

छोटी-मझोली कंपनियों को लोन देगा मुद्रा बैंक

छोटे एवं मंझोले उपक्रमों को आसानी से लोन देने के लिए सरकार 20,000 करोड़ रुपये के माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा बैंक) की स्थापना कर रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया किप्रधानमंत्री के हाथों इस बैंक की शुरुआत होगी। इस बैंक से छोटे कारोबारियों को आसानी से कर्ज मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 के बजट में मुद्रा बैंक के स्थापना की घोषणा की गई थी।
इस बैंक की स्थापना को वित्त मंत्रालय की तरफ से कितना तवज्जो दिया जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि पिछले दिनों ही बैंकिंग सचिव हसमुख अधिया ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया था। इसके तहत वैसे कारोबारियों को लोन देने की योजना बनायी गई है, जिन्हें इस समय कोई वित्त पोषण करने के लिए तैयार नहीं होता है। इन्हें अब मुद्रा बैंक की तरफ से उत्पादन, उसकी बिक्री एवं इससे संबंधित अन्य सेवाओं के लिए रिफाइनेंसिंग की सुविधा भी मिल सकेगी। इस क्षेत्र के लिए मुद्रा बैंक नियामक की भूमिका का भी निर्वहन करेगा।
मंत्रालय के मुताबिक इस बैंक की प्राथमिक जिम्मेदारी लघु-सूक्ष्म क्षेत्र के लिए नीतियां तय करना, उनका पंजीकरण, नियमन और रेटिंग करने की भी होगी। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक मुद्रा बैंक को 20,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी कॉर्पस के लिए भी बैंक को बजट से 3,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

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