Monday, April 13, 2015

शेल इंडिया ने जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के विजेताओं को सम्मानित किया

ऊर्जा सेक्टर से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी शेल ने जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन के विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी है। जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन में देश भर के 650 स्कूलों के 15,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। पिछले साल की तुलना में यह संख्या दोगुनी रही।


भारत में शेल के चेयरमैन यास्मीन हिलटन ने 20 राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विजेताओं को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक (एनर्जी सेल) ननेंद्र तनेजा और ब्रिटिश हाई कमीशन के फर्स्ट सेक्रेट्री (ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट, नॉर्थ इंडिया) क्रिस डेन भी शामिल हुए।

युवाओं की रचनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करने के लिए शेल इंडिया ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। साल 2012 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम देश के युवाओं को नेता, वैज्ञानिक एवं भविष्य के लिए खोजकर्ता बनाने के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए ऊर्जा, पर्यावरण एवं सतत विकास जैसे मुद्दों को थीम बनाया जाता है।

इस मौके पर डॉ यास्मीन हिलटन ने कहा कि मैं जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन के विजेताओं को सम्मानित कर काफी खुश हूं। शेल हमेशा ऊर्जा संबंधी चुनौतियों के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने और सस्टेनेबिलिटी के जरिए विचार नेतृत्व को बढावा देने की कोशिशों में जुटी रहती है। शेल जूनियर नेशनल साइंस स्कॉलरशिप इस तरह के उद्देश्य को ब़ढावा देने में मदद करती है। हम छात्रों को विज्ञान एवं तकनीक में कैरिय बनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक (एनर्जी सेल) नेंद्र तनेजा ने कहा कि मैं विजेताओं को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे विज्ञान एवं ऊर्जा को कैरियर के रूप में चुनकर देश के विकास में भूमिका अदा करेंगे।  मैं शेल जैसी कंपनियों के प्रयास की सराहना करता हूं कि इस तरह के कार्यक्रम के जरिए उन्होंने भावी वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को निखारने की कोशिश की।

अवार्ड सेरेमनी में डॉ हिलटन ने एक रिपोर्ट भी जारी की। एनर्जी सस्टेनेबिलिटी एंड कंजर्वेशन नाम की इस रिपोर्ट में 13980 बच्चों के विचार हैं। यह रिपोर्ट को बच्चों की भागीदारी के हिसाब से तैयार किया गया जिससे कि भारत में एनर्जी एवं सस्टेनेबिलिटी के बो में उनकी धारणाओं को इसमें शामिल किया जा सके। इसके लिए मौजूदा संसाधन, ऊर्जा दक्षता के लिए सरकारी एवं नीतिगत मदद और ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों के व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।

दिल्ली पब्लिक स्कूल बेंगलुरु के यश दीक्षित, सेंट मैरी इंटर कॉलेज लखनऊ के सार्थक सिंह और एपीजे स्कूल पीतमपुरा के कुशाग्र जुनेजा स्कॉलरशिप के नेशनल विनर रहे। कुशाग्र जुनेजा दरअसल शेल जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के दूसरी बार के विजेता हैं।

पिछली बार वह नौंवी कक्षा के छात्र के रूप में इसमें शामिल हुए थे। इस स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन एग्जाम जनवरी-फरवरी में आयोजित किए गए थं, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं जनरल नॉलेज के टेस्ट हुए। परीक्षा में एक सब्जेक्टिव और बाकी ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल थे। 17 क्षेत्रीय विजेताओं को 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी, जबकि नेशनल अवार्ड विनर को 1,25,000 रुपए का इनाम मिलेगा।

No comments:

Post a Comment