Friday, April 24, 2015

श्याओमी ने भारत में की अपने स्मार्टफोन एमआई 4 आई की ग्लोबल लांचिंग

स्मार्टफोर्न बनाने वाली कंपनी श्याओमी ने अपने स्मार्ट फोन एमआई 4 आई की ग्लोबल लांचिंग नई दिल्ली में की। श्याओमी ने दुनिया भर के उपभोक्ताओं को ध्यान में रख कर नया स्मार्टफोन अपनी दमदार डिजाइन और इंजीनियरिंग क्षमताओं के साथ एक शानदार स्मार्टफोन तैयार किया है।

उचित आकार के कारण हाथ में एमआई 4 आई पकड़ने में कोई असुविधा नहीं होती है। इसमें संपूर्ण एडी स्क्रीन और बिल्कुल नया सनलाइट डिस्प्ले जैसी खूबियां हैं। इसे उच्च कोटि के आपूर्तिकर्ताओं और विश्वस्तरीय निर्माता सहयोगियों के साथ मिल कर बनाया गया है। एमआई 4 आई श्याओमी का सबसे पहला एमआईयूआई 6 उपकरण है, जो एंड्रायड एल तकनीक से लैस है।

ग्लोबल लांचिंग के तहत एमआई 4 आई की बिक्री पहले भारत में शुरू होगी। यहां इसकी कीमत 12,999 रखी गई है। इसकी खरीदारी के लिए फ्लिपकार्ट पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है और इसकी बिक्री 30 अप्रैल, 2015 से आरंभ होगी। मई महीने में एमआई 4 आई को श्याओमी को अन्य विदेशी बाजारों हांगकांग, ताइवान, सिंगापुर, ताइवान, मलयेशिया और इंडोनेशिया में लांच किया जाएगा। इससे कंपनी की विश्वव्यापी योजनाओं के प्रति उसकी गंभीरता का पता चलता है।


श्याओमी ग्लोबल के वाइस प्रेसीडेंट ह्यगो बारा ने सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में एमआई इंडिया के 1,500 से अधिक प्रशंसकों के सामने कंपनी के इस चिरप्रतीक्षित स्मार्टफोन का अनावरण किया है। इस अवसर पर श्याओमी के संस्थापक एवं सीईओ लेइ जन और सह संस्थापक एवं प्रेसीडेंट बिन लिन भी उपस्थित थे, जिन्होंने एमआई इंडिया के प्रशंसकों के समर्थन को लेकर आभार जताया।

इस मौके पर श्याओमी के संस्थापक एवं सीईओ लेइ जन ने कहा कि श्याओमी के लिए भारत बेहद महत्वपूर्ण देश है। हमारे लिए यह चीन के बाहर सबसे बड़ा विदेशी बाजार है और मैं सचमुच इस बात को लेकर रोमांचित हूं कि एमआई 4 आई को सबसे पहले भारत में लांच किया गया है।

इसके बाद यह दुनिया के अन्य देशों में उपलब्ध होगा। हम भारत और अन्य बाजारों के लिए और अधिक उत्पाद लांच करेंगे, क्योंकि हमारा ध्यान प्रशंसकों को दोस्त बनाने और उनकी जरूरतों के अनुसार नए नए उत्पादों का निर्माण करने पर केंद्रित है।

टाटा प्रोजेक्ट्स वाले ब्रूकफील्ड मल्टीप्लेक्स वालों से मिलाए हाथ

टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने विश्व के अग्रणी निर्माण कंपनी ब्रूकफील्ड मल्टीप्लेक्स के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है जिससे कि पूरे भारत भर में व्यावसायिक एवं खुदरा, आवासीय, स्वास्थ्य-देखभाल तथा पर्यटन व मनोरंजन संबंधी परियोजनाओं की श्रृंखला को स्वरूप दिया जा सके।

ब्रूकफील्ड मल्टीप्लेक्स एक ऑस्ट्रेलियाई मुख्यालय वाली कंपनी है जिसे सिडनी के स्काइलाइन को बदलने के लिए जाना जाता है और साथ ही इसे मिडिल ईस्ट और यूरोप में भी इसे इसके अनूठे भवनों के लिए अच्छी खासी प्रसिद्धि प्राप्त है।

इसने 61 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत मूल्य की 900 से अधिक परियोजनाओं को मूर्तरूप दिया है। जबकि टाटा प्रोजेक्ट्स अधोसंरचना निर्माण में एक अग्रणी कंपनी है और इसने अब तक 14,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं को हाथ में लिया है।

कंपनी सचिवों के लिए जारी हुए नए सचिवीय मानक

फंड मैनेजरों और विदेशी निवेशकों का अब भारतीय बाजार में विश्वास बढ़ेगा क्योंकि भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ने कंपनी कानून 2013 की धारा 118(10) के अनुरूप नया सचिवीय मानक औपचारिक रूप से जारी कर दिया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विभु भखरू ने इसे जारी किया। इस अवसर पर कंपनी लॉ बोर्ड के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिलीप रावसाहब देशमुख भी उपस्थित थे।

न्यायमूर्ति विभु भखरू ने इस अवसर पर कहा कि इस समय भारतीय कंपनी सचिव संस्थान दुनिया भर में अकेला ऐसा संस्थान है जिसने सचिवीय मानक जारी किया है। इससे न सिर्फ उद्योग जगत को लाभ होगा बल्कि नियामक को भी मदद मिलेगी।

इससे देश में कारोबारी माहौल तो बेहतर होगा ही, संस्थानिक निवेशकों का भी विश्वास बढ़ेेगा। कंपनी सचिव संस्थान के अध्यक्ष अतुल एच मेहता ने बताया कि नए सचिवीय मानक से निवेशकों, खास कर फंड मैनेजरों और विदेशी निवेशकों के बीच बेहतर संदेश जाएगा। क्योंकि ऐसे निवेशक बेहतर शासन के नियमों का पालन तो करते ही हैं, इसी तरह का माहौल भी चाहते हैं।

ईबे वाले बेचने जा रहे हैं गुप्त कालीन सिक्के

उत्तर व दक्षिण भारत के 2,000 वर्ष पुराने चांदी व तांबे के सिक्के, गुप्त वंश के सम्राट समुद्र गुप्त के सोने के सिक्के अब ईबेडॉटइन पर बोली के लिए उपलब्ध होंगे। क्वायन, बैंक नोट और मेडल के डीलर और आक्शनर मरुधर आर्ट्स ने ईबेडॉटइन पर सिक्कों के एक्सक्लूसिव आक्शन के साथ अपना ब्रांड स्टोर लांच किया है। यह पहली बार है कि जाने माने डीलर और आक्शनर ने एंटीक्स और विंटेज कलेक्टिबिल कलेक्शन को ई कॉमर्स प्लेटफार्म पर लिस्ट किया है।

ईबे इंडिया के ग्राहकों के पास अब कई शताब्दियों पुराने यूनिक और एक्सक्लूसिव कलेक्शन के लिए बोली लगाने का अवसर होगा। इसके अलावा ईबेडॉटन इन पर दूसरी सदी ईसवी से कुषाण वंश के सोने के सिक्के, तत्कालीन मुगल काल में अकबर, जहांगीर और अन्य बादशाहों के चांदी व सोने के सिक्के, बीकानेर, जयपुर, हैदराबाद, मैसूर इत्यादि रजवाड़ों के सिक्के, ब्रिटिशकालीन भारत और भारत गणराज्य के विभिन्न बैंक नोट भी उपलब्ध होंगे।

ईबे इंडिया के प्रमुख (संचार) गिरीश हुरिया ने कहा कि प्राचीन सिक्के व नोट और डाक टिकट ईबे डॉट इन पर बिकने वाली सबसे पुरानी वस्तुएं हैं। अब इस पहल में मरुधर आर्ट्स द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे इस विशिष्ट संग्रह में से कुछ खरीदकर हमारे देश के समृद्ध और विविध इतिहास का अनुभव करना चाहेंगे।

मरुधर आर्ट्स के निदेशक अर्चि मरू ने कहा कि ईबे डॉट इन पर सिक्कों व बैंक नोट की एक्सक्लूसिव नीलामी करने से ईबे डाट इन के ग्राहकों का ज्ञान आधार काफी समृद्ध होगा और उन्हें इसके बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे ग्राहकों को बिना किसी आशंका या संदेह के असली सिक्कों के लिए बोली लगाकर अपने कलेक्शन को समृद्ध करने का मौका मिलेगा।

सीजीसीईएल में अवांता समूह बेचेगा अपनी हिस्सेदारी

अवांता समूह क्रॉम्पटन ग्रीव्स के उपभोक्ता उत्पाद कारोबार में अपनी 34.37 फीसदी की पूरी हिस्सेदारी बेचने जा रहा है। वह अपनी हिस्सेदारी इक्विटी निवेश करने वाली फर्म एडवेंट इंटरनेशनल और टेमासेक को 2,000 करोड़ रुपये में बेचेगा।

इसके बाद यह दोनों निवेशक कंपनियां ओपेन ऑफर के जरिए कंपनी की और हिस्सेदारी खरीद कर क्रॉप्टन ग्रीव्स का स्वामित्व हासिल करने का प्रयास करेंगी। इसके बाद क्रॉप्टन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स (सीजीसीईएल) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध कराया जाएगा।

हिस्सेदारी की खरीद के लिए हुए इस सौदे में सीजीसीईएल का मूल्य कुल 6,600 करोड़ रुपये आंका गया है। गौरतलब है कि क्रॉम्पटन ग्रीव्स का बोर्ड फरवरी में अपने कंज्यूमर उत्पाद का कारोबार करने वाली इकाई सीजीसीईएल का अलग किए जाने की मंजूरी दे चुका है।

हिस्सेदारी की बिक्री के लिए हुए इस सौदे के तहत सीजीसीईएल में टेमासेक की भूमिका एडवेंट के साथ एक सह निवेशक के रूप में होगी। सौदे की शर्तों के अनुसार सीजीसीईएल को क्रॉपटन ग्रीव्स से अलग इकाई के रूप में एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध कराया जाएगा।

अवांता समूह के संस्थापक और चेयरमैन गौतम थापर ने इस सौदे के बारे में कहा कि  एडवेंट और टेमासेक दोनों के ही पास वित्तीय क्षेत्र और कारोबार के संचालन का लंबा अनुभव है। हमें विश्वास है कि यह दोनों कंपनियां सीजीसीईएल को विकास के अगले दौर में ले जाने का काम काफी बेहतर ढंग से कर सकेंगी।

इनफोसिस वाले ज्यादा फायदा कमाए ‌इस बार

देश में आईटी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इनफोसिस ने जनवरी-मार्च तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। बीती तिमाही में कंपनी ने 3,097 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। साल भर पहले जनवरी-मार्च 2014 तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,992 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी की ओर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी गई जानकारी के मुताबिक बीती तिमाही में कंपनी की आय 4.2 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी के साथ 13,411 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी की आय 12,875 करोड़ रुपये रही थी।

हालांकि तिमाही आधार पर तुलना करने पर इनफोसिस के मुनाफे और आय दोनों में ही गिरावट दर्ज की गई है। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी को 3,250 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इस तरह जनवरी-मार्च में तिमाही आधार पर उसका मुनाफा 4.7 फीसदी घटा है।

इसी तरह आय 13,796 करोड़ रुपये के मुकाबले 2.8 फीसदी घट गई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 में अपनी आय में 10 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है, जबकि आईटी क्षेत्र की संस्था नॉस्कॉम ने आय में 12 से 14 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।

Thursday, April 23, 2015

ऑडी की स्पोर्ट्स कार टीटी का नया वर्जन लांच

लक्जरी कारें बनाने वाली जर्मनी की कंपनी ऑडी ने भारत में अपनी स्पोर्ट्स कार टीटी का नया वर्जन पेश किया है। दिल्ली में इसकी एक्स शोरूम कीमत 60.34 लाख रुपये रखी गई है। ऑडी ने इस नए वर्जन को भारतीय लक्जरी कार बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखने की कोशिश के तहत पेश किया है।

ऑडी इंडिया के प्रमुख जो किंग ने बताया कि यह अगले पांच महीनों में लांचिंग के लिए प्रस्तावित 5 कारों में से पहली पेशकश है। बीते वर्ष आर्थिक सुस्ती के बावजूद कंपनी ने वृद्धि दर्ज की है। ऑडी ने मर्सिडीज-बेंज से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए इस साल भारतीय बाजार में कुल 10 कारें लांच करने की योजना बनाई है।

गौरतलब है कि ए-3 सिडान और क्यू-5 एसयूवी बेचने वाली ऑडी ने जनवरी-मार्च, 2015 के दौरान मर्सिडीज-बेंज को पीछे छोड़ दिया है। ऑडी ने मार्च तिमाही में 3,139 इकाइयों के साथ 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी। ऑडी ने 2014-15 के दौरान अपनी बिक्री में रिकॉर्ड 11.51 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी और लक्जरी कार बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी है।

टाटा मोटर्स पेश करेगी नैनो का ऑटोमेटिक वर्जन

टाटा मोटर्स ने नैनो के सभी मौजूदा ग्राहकों के लिए एक एक्सक्लूसिव कैंपेनशुरू करने की घोषणा की। इस प्रोग्राम के साथ नैनो के ग्राहकों को मौका सबसे पहले नई जेनएक्स नैनो ईजी शिफ्ट (ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन) खरीदने का। नैनो का यह नया संस्करण अगली पीढ़ी के लिए ढेर सारे रोमांचक फीचरों के साथ आ रहा है।

इसके जरिए नैनो के मालिकों को उनकी पुरानी नैनो के लिए बाज़ार में सबसे बेहतर कीमत दी जाएगी और उन्हें पुरानी कार की कीमत के अतिरिक्त 20,000 रुपये का विशेष बोनस भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त नैनो के ग्राहक रेफरल प्रोग्राम में भी शामिल हो सकते हैं, जिसके तहत उन्हें प्रत्येक रेफरल के लिए 5,000 रुपये मिलेंगे। ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए टाटा मोटर्स ने तरज़ीही वित्तीय पार्टनरों के साथ करार किया है।

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष, यात्री वाहन कारोबार इकाई मयंक पारीक ने कहा कि हॉरिजनेक्स्ट यात्रा के हिस्से के तहत अब हम नवीनतम तकनीकी एडवांस्मेंट के साथ जेनएक्स नैनो लेकर आ रहे हैं। यह ग्राहकों को श्रेणी में सबसे बेहतरीन तकनीक और डिजाइन इंजीनियरिंग के साथ शानदार फीचर वाले उत्पाद पेश करने की हमारी निरंतर कोशिश का ही नतीजा है। पेश करने के समय ही नैनो एक ऐतिहासिक, उत्पाद रहा है, जो इस श्रेणी में सबसे बेहतरीन वैल्यू देती है और लॉन्च के समय से अभी तक 2.5 लाख से अधिक नैनो बिक चुकी हैं। यह यात्री वाहन बाज़ार में शीर्ष 5 मॉडलों में से एक है।

झटके झेलने में सक्षम हैं भारत सहित एशिया-प्रशांत की अर्थव्यवस्थाएं

भारत सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं बाहरी झटकों को सहने के लिए तो पर्याप्त सक्षम हैं, पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने पर इन्हें झटका लग सकता है। यह बात ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अपनी एक रिपोर्ट में कही है।

मूडीज की सहायक इकाई मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सभी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती उस वक्त खड़ी होगी, जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरें बढ़ाना शुरू करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-प्रशांत के देशों में आमतौर पर वाह्य भुगतान स्थिति अच्छी है और सरकारी ऋण की स्थिति भी दुनिया के अन्य क्षेत्रों के देशों के मुकाबले बेहतर है। एजेंसी ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों में वाह्य झटकों से बचने की क्षमता अपेक्षाकृत अधिक है, लेकिन उनकी रेटिंग के परिदृश्य अलग-अलग हैं, क्योंकि उनमें से कुछ अर्थव्यवस्थाएं महत्वाकांक्षी सुधार की ओर बढ़ रही हैं।

उधर कई अर्थव्यवस्थाएं लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से जूझ रही हैं। इन देशों की साख की गुणवत्ता सबसे प्रमुख रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि सरकार नीतिगत प्रतिबद्धताओं पर खरी उतरती है या नहीं। एजेंसी ने कहा कि एशिया प्रशांत के ज्यादातर देश पेट्रोलियम आयातक हैं और हाल में कच्चे तेल में हालिया नरमी को इस क्षेत्र में सकारात्मक असर होगा।

अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जून या सितंबर तक ब्याज दरें बढ़ाएगा। फेड के इस कदम से भारत समेत कई उभरते बाजारों से पूंजी की निकासी होने की आशंका है। मूडीज ने भारत को सकारात्मक परिदृश्य के साथ बीएए-3 की रेटिंग दे रखी है।

मूडीज ने कहा कि ऊर्जा लागत में बचत से विभिन्न देशों को अपने बजट घाटे पर नियंत्रण और राजकोषीय बफर तैयार करने में मदद मिलेगी। चीन के संबंध में एजेंसी ने कहा कि घटती विकास दर और ग्लोबल अर्थव्यवस्था में नरमी आने वाले दिनों में एशिया-प्रशांत के प्रदर्शन को प्रभावित करेगी। मूडीज ने कहा कि इस क्षेत्र के जिंस निर्यातक चीन की आर्थिक वृद्धि में नरमी के नए सामान्य स्तर को सबसे अधिक प्रभावित कर सकते हैं।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आइएमएफ) ने हाल ही में अनुमान जताया है कि भारत 2015-16 में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर के साथ चीन को पीछे छोड देगा। ऐसा सरकार के नीतिगत कदमों, निवेश में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में नरमी के चलते संभव हो पाएगा। इस क्षेत्र की कई अर्थव्यवस्थाओं में पारिवारिक कर्ज का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन यह वित्तीय व्यवस्था की स्थिरता के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

एजेंसी ने कहा हालांकि ऐसे कर्ज से निजी खपत में वृद्धि कम होगी, जिससे आर्थिक विस्तार सीमित हो सकता है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के जिन देशों को मूडीज रेटिंग प्रदान करती है उनमें भारत (बीएए-3), कोरिया (एए-3), मलेशिया (ए-3), और पाकिस्तान (सीएए-1) को सकारात्मक रेटिंग परिदृश्य प्रदान किया है, जबकि मंगोलिया (बी-2) का परिदृश्य नकारात्मक है।

Wednesday, April 22, 2015

फायदे का फंडा


कंपनियों की लेट-लतीफी का फायदा उठा रहे साइबर हमलावर

कंप्यूटर और साइबर दुनिया में आज सवाल यह नहींहै कि आप पर साइबर हमला किया जाएगा, बल्कि सवाल है कि हमला कब होगा। साइबर और डेटा सिक्योरिटी के कारोबार से जुड़ी अमेरिकी कंपनी सिमैंटेक ने इंटरनेट सिक्युरिटी थ्रेट रिपोर्ट जारी कर साइबर हमलावरों के तरीकों में हुए बदलावों का खुलासा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलावर कंपनियों के नेटवर्क में किस तरह से घुसपैठ कर अपने इरादों को अंजाम देकर चतुराई से बच निकलते हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले साइबर हमलों में तेजी देखने को मिली है। वित्तीय सेवाओं में 17.1 फीसदी परिवहन एवं संचार में 4.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा परिवहन, संचार, विद्युत एवं गैस उद्योग ने साइबर हमलों में पांच गुनी वृद्धि दर्ज की।  बीते वर्ष कुल 24 जीरो-डे वलनरेबिलिटी देखी गई। कंपनियों के नेटवर्क को चकता देने और फिशिंग की घटनाओं में वर्ष 2014 में 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पिछले वर्ष किए गए हमलों को देखने से पता चलता है कि साइबर हमलावरों की कुशलता बढ़ गई है।  इसके तहत उन्होंने अपने लक्ष्यों तक सफलता पूर्वक पहुंचने में 20 फीसदी कम ई-मेल  का इस्तेमाल किया। हमलावरों ने मैलवेयर डाउनलोड्स और अन्य वेब आधारित तकनीकी कुचक्रों के जरिए ज्यादा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक साइबर क्षेत्र में सुरक्षात्मक कमजोरी और दुर्बलता को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए इस वर्ष काफी सुधार हुआ है। सिमैंटेक की रिसर्च ने खुलासा किया है कि सॉफ्टवेयर कंपनियों को सुरक्षा कवच बनाने और उसे चालू करने में औसतन 59 दिन लगते हैं, जोकि वर्ष 2013 की अपेक्षा केवल चार दिन का सुधार है। साइबर हमलावर इस देरी का लाभ उठा लेते हैं। हार्टब्लीड के मामले में साइबर हमलावरों ने इस कमजोरी का लाभ उठाते हुए चार घंटे के अंदर ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे दिया।

सिमैंटेक के टेक्नोलॉजी सेल्स निदेशक तरुण कौरा के मुताबिक जब चाबियां आसानी से उपलब्ध हैं, तो साइबर हमलावरों को किसी कंपनी के नेटवर्क के दरवाजे को तोड़ कर घुसने की जरूरत नहीं। हमलावर बेहद चतुराई से घुसपैठ बना कर वहां के कॉमन प्रोग्राम्स के सॉफ्टवेयर अपडेट्स को कमजोर बना देते हैं तथा उन्हें डाउनलोड करने के लिए धैर्यपूर्वक इंतजार करते हैं। इस प्रकार साइबर हमलावरों को कॉरपोरेट नेटवर्क में बिना किसी रोक-टोक के ऐक्सेस करने का मौका मिल जाता है।

मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ आरबीआई अधिकारियों ने खोला मोर्चा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पर कतरने और सारे वित्तीय अधिकार वित्त मंत्री के हाथों में देने की कवायद में जुटी मोदी सरकार के खिलाफ आरबीअधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है।

आरबीआई के अधिकारियों के एक समूह ने की शक्तियां घटाए जाने की आशंका जताते हुए सांसदों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखा है। पत्र में अधिकारियों ने वित्त विधेयक में शामिल बजट प्रस्तावों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही इनसे राज्य सरकारों के हितों पर बुरा असर पड़ने और देश के संघीय ढांचे पर भी बुरा असर पड़ने की बात कही है।

मोदी सरकार की कारगुजारी के खिलाफ यह पत्र अधिकारियों के एक फोरम यूनाइटेड फोरम ऑफ रिजर्व बैंक ऑफिसर्स एंड इम्प्लॉइज ने लिखा है। फोरम ने अपने पत्र में कहा है कि वित्त विधेयक कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनके काफी दूरगामी परिणाम होंगे और अगर इन्हें लागू कर दिया गया तो देश के केंद्रीय बैंक के रूप में आरबीआई के कामकाज और शक्तियों पर काफी बुरा असर पड़ेगा। 

पत्र में कहा गया है कि विधेयक के प्रावधान आरबीआई के अधिकारों में भी कटौती करने वाले हैं। यह प्रावधान मौद्रिक नीति के मामले में रिजर्व बैंक के दायित्वों और अधिकारों को निरर्थक करने वाले हैं। इसके अलावा वित्तीय स्थिरता और महंगाई को नियंत्रित करने के मामले में भी इन प्रावधानों के चलते रिजर्व बैंक का काम प्रभावित होगा।

पत्र के मुताबिक बिल के कुछ प्रस्तावों में जहां 1934 के आरबीआई एक्ट में बदलाव की बात है, वहीं इससे 2006 का सरकारी प्रतिभूति अधिनियम, 1956 का सिक्यूरिटीज कांट्रेक्ट (रेग्यूलेशन) एक्ट और फेमा एक्ट भी भंग होता है। पत्र में फोरम ने सांसदों से इस मामले को सरकार के सामने उठाने की अपील की है। अधिकारियों ने राष्ट्रहित में ऐसा करने की गुहार लगाई है।

पत्र में कहा गया है कि सरकारी ऋणों के प्रबंधन का काम रिजर्व बैंक से छीना जाना जहां राज्यों के हितों के खिलाफ होगा, वहीं यह देश के संघीय ढांचे को भी प्रभावित करेगा। राज्यों के मुख्य मंत्रियों को लिखे गए पत्र में फोरम ने उन्हें इसके प्रति आगाह किया है।

पेट्रोलियम नीति में और पारदर्शिता लाएगी सरकार

मोदी सरकार पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र की नीतियों में और पारदर्शिता लाएगी। यह भरोसा केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने दिलाया है। प्रधान ने कहा कि इस क्षेत्र की नीतियां स्थिर एवं पारदर्शी होंगी और इस क्षेत्र में काम करने वालों को विश्वस्तरीय माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

उद्योग संगठन फिक्की द्वारा हाइड्रोकार्बन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने कहा कि अधिकतर कारोबारी वहां काम करना पसंद करते हैं, जहां नीतियों में स्थिरता हो और सरकार पारदर्शी तरीके से काम करती हो। ऐसा ही माहौल भारत में भी मिलेगा। वह सिर्फ पेट्रोलियम मंत्रालय की ही बात नहीं कर रहे हैं बल्कि केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालय इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। वे इस तरह से काम करेंगे कि उद्योग जगत को कोई परेशानी नहीं हो।

इसी कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव सौरभ चंद्रा ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड के 69 छोटे एवं सीमांत तेल ब्लॉकों को नीलाम करने की तैयारी चल रही है।

इससे ओएनजीसी और ओआईएल भी खुश हैं क्योंकि वे इन ब्लॉकों पर काम नहीं कर पा रहे थे। इन ब्लॉकों को नीलामी में शामिल करने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक केबिनेट नोट तैयार कर मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए ) के पास भेज दिया है।

उन्होंने बताया कि देश में ही कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में तय किया गया है कि देश में कच्चे तेल की होने वाली कुल खपत में पूर्वोत्तर के राज्यों की हिस्ेसदारी बढ़ा कर 10 फीसदी की जाएगी। वहां ज्यादा उत्पादन हो, इसके लिए सरकार अन्वेषण (ई एंड पी) पर ज्यादा ध्यान दे रही है और वहां इसके लिए आवंटन दूना कर दिया गया है।

पेट्रोलियम सचिव ने बताया कि वर्ष 2014-15 की अंतिम तिमाही के दौरान ओएनजीसी और आयल इंडिया लिमिटेड को रसोई गैस के सिलेंडरों पर दी जा रही सब्सिडी में एक भी रुपये की भागीदारी नहीं करनी होगी। इस मद में जो राशि बचेगी, उसका उपयोग तेल कुओं की खोज और उत्पादन बढ़ाने में हो सकेगा।

विप्रो का मुनाफा बढ़ा, एचसीएल टेक का मार्जिन गिरा

सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो ने वित्तवर्ष की चौथी तिमाही में मुनाफे में 2.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,286.5 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी के पुत्र रिशद प्रेमजी को कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया है। 31 मार्च 2014 को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,239.1 करोड़ रुपये था। आलोच्य अवधि में कंपनी के कारोबार में 3.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही और यह आंकड़ा 11,703 करोड़ रुपये की तुलना में 12,171.4 करोड़ रहा।

कंपनी के आईटी सर्विस कारोबार में 6 फीसदी की बढ़ोतरी रही। पूरे साल में कंपनी का शुद्ध लाभ 11.03 फीसदी बढ़कर 8,705.9 करोड़ रुपये रहा जबकि कंपनी के कारोबार में 8.14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह आंकड़ा 47,318 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

दूसरी ओर एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने तीसरी तिमाही के समेकित शुद्ध मुनाफे में 3.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है और कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 1,683 करोड़ रुपये हो गया है। मुद्रा विनिमय की दरों में उतार चढ़ाव के कारण कंपनी का मार्जिन प्रभावित हुआ है।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,624 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी का समेकित राजस्व 11 फीसदी बढ़ कर 9,267 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 8,349 करोड़ रुपये था। कंपनी के नतीजे सामने आने के बाद उसके शेयर की कीमतों में 10 फीसदी तक गिरावट आई।

एचसीएल की आय बाजार की उम्मीदों से कम रही है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के प्रेसीडेंट और सीईओ अनंत गुप्ता ने कहा कि एचसीएल सभी भौगोलिक क्षेत्रों और वर्टिकल्स में ग्रोथ जारी रखेगी। इस तिमाही में हमारा राजस्व 14.4 फीसदी बढ़ा है। हमने 1 अरब डॉलर से अधिक के सौदों की बुकिंग की है।

आईसीआईसीआई का मनी ट्रांसफर के लिए करार

देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने खाड़ी देशों मे रह रहे अप्रवासी भारतीयों को पैसे भेजने की सेवा मुहैया कराने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अग्रणी बैंक से गठजोड़ किया है।

एमीरेट्स एनबीडी के साथ किए गए इस गठजोड़ से ग्राहक भारत में आईसीआईसीआई बैंक के खाताधारकों को डायरेक्टरेमिट सर्विस के जरिए एक मिनट में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे।

दोनों बैंकों की ओर से इस संबंध मेंजारी किए गए संयुक्त बयान में कहा गया है कि ग्राहक यह सुविधा इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, और एमीरेट्स एनबीडी के एटीएम के जरिए हासिल कर सकते हैं।

आम के दाम 65 फीसदी तक चढ़ सकते हैं इस बार

खास लोग ही ले सकेंगे मजा
बीते महीनों के दौरान देश में  बे मौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के चलते आम के भाव इस बार काफी महंगे रहने की बात एसोचैम ने अपने एक अध्ययन में कही है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल आम की साधारण व निचले दर्जे की किस्में जहां 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं, वहीं मुंबई में अलफांसो (हापुस) आम के दाम 500 से 600 रुपये प्रति दर्जन तक रह सकते हैं। असमय हुई बारिश के चलते आम की करीब 50 फीसदी तक फसल खराब होने को इसकी वजह बताया गया है।

एसोचैम की एग्री रिसर्च विंग की ओर से मैंगो-एंग्जाइटी ऑन प्रोडक्शन एंड एक्सपोर्ट फ्रंट शीर्षक से तैयार की गई रिपोर्ट मे कहा गया है कि आम के दाम अन्य फलों व सब्जियों की तुलना में 50 से 65 फीसदी अधिक बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेमौसम हुई बारिश किसानों और ग्राहकों दोनों को ही नुकसान पहुंचाने वाली रही। इससे फसल को सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर प्रदेश की आम पट्टी में हुआ है। इसमें मलीहाबाद, शाहाबाद, अमरोहा, बुलंद शहर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी और सहारनपुर जैसे इलाके आते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आम की खुदरा कीमतों में 50 से 65 फीसदी तक तक बढ़ोतरी का रुझान अभी से दिखाई देने लगा है। कीमतों में यह उछाल फलों की किस्मों पर निर्भर करता है। हालांकि आम की इस साल की फसल अभी बाजार में आना बाकी है, पर अनुमान जताया जा रहा है कि कुल मिलाकर आम की फसल को कम से कम 20 फीसदी का नुकसान तो हुआ ही है। उत्तर प्रदेश के कई आम उत्पादक इलाकों में तो यह नुकसान 50 फीसदी तक भी गया है।

उत्तर प्रदेश के यह इलाके देश के कुल आम उत्पादन का एक चौथाई तक उत्पन्न करते हैं। फसल को हुए नुकसान के चलते इस साल इन इलाकों का उत्पादन गिरकर 15 लाख टन पर आ जाने के आसार हैं। महाराष्ट्र और मध्य भारत के आम उत्पादक क्षेत्रों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है।

एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने बताया कि कई राज्यों की सरकारों ने फसल को हुए नुकसान के लिए राहत के उपायों और मुआवजे की घोषणा की है, पर यह किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए नाकाफी हैं। उनके मुताबिक देश में होने वाले आम में आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी की बैठती है। इसके अलावा कर्नाटक 10 फीसदी, बिहार 7.6 फीसदी उत्पादन करता है। गुजरात भी देश के पांच आम उत्पादक देशों में गिना जाता है।

सन फार्मा से बाहर हुई जापानी दवा कंपनी दायची

भारत में सफर का दि एंड
जापान की दवा कंपनी दायची सांक्यो सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज में अपनी समूची 9 फीसदी हिस्सेदारी बेच कर कंपनी से अलग हो गई है। दायची ने सन फार्मा में 21 करोड़ शेयर 20,420 करोड़ रुपये में बेचे हैं। यह हिस्सेदारी उसने रैनबक्सी का सन फार्मा में विलय के बाद हासिल की थी।  इस तरह से दायची सांक्यो ने भारत में अपने सात वर्ष के उथल-पुथल भरे सफर को खत्म कर दिया है।
इस बारे में दायची की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि सन फार्मा के शेयरों की बिक्री पूरी हो गई है। शेयर बिक्री के तहत दायची ने सन फार्मा के 21,49,69,058 शेयर बेचे हैं। सुबह के कारोबारी सत्र में जब दायची ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की घोषण की, उस समय उसके शेयर की औसत कीमत 950 रुपये थी। पिछले माह सन फार्मा ने अपने साथ रैनबक्सी का विलय पूरा करने की घोषणा की थी। कंपनी ने 4 अरब डॉलर मेें विलय के सौदे की घोषणा के एक वर्ष बाद विलय पूरा किया है। सौदे के तहत रैनबक्सी के शेयर धारकों को उनके एक शेयर के बदले सन फार्मा के 0.8 शेयर मिलने थे। विलय के समय रैनबैक्सी में दायची की 63.4 फीसदी हिस्सेदारी थी। रैनबक्सी के विलय के साथ सन फार्मा दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी जेनरिक दवा कंपनी और घरेलू बाजार में शीर्ष कंपनी बन गई है।
रैनबक्सी की खरीदारी के बाद जापानी कंपनी को सात सालों में चुनौतियां ही चुनौतियां मिलती रहीं। उत्पादन प्रक्रिया में नियमों की अवहेलना के मामले में रैनबक्सी लगातार अमेरिकी दवा नियामक की जांच के घेरे में रही। 2008 में अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने रैनबैक्सी के मध्य प्रदेश के देवास, पोंटा साहिब और हिमाचल प्रदेश के बाटामंडी स्थित संयंत्रों में उत्पादित 30 जेनेरिक दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया था।

Friday, April 17, 2015

भारतीय कंपनियों के सीईओ लें इस छोटी सी कंपनी के मुखिया से सीख

हमारे देश में कंपनियों के कर्ताधर्ता और टॉप मैनेजमेंट के लोग मुनाफे में कमी या कमजोर प्रदर्शन के नाम पर कर्मचारियों का ‌वेतन बढ़ाने में भले ही कंजूसी करें, पर अपनी तन्‍ख्वाह दिल खोलकर बढ़ा लेते हैं। ऐसे कॉरपोरेट्स के लिए अमेरिका की एक छोटी सी कंपनी ने एक मिसाल पेश की है।

अमेरिका की ग्रेविटी पेमेंट्स के संस्थापक और सीईओ डैन प्राइस ने अपने स्टाफ की सैलेरी दुगनी करने के लिए खुद की सैलेरी 90 फीसदी घटा दी। इस छोटी सी कपंनी में केवल 120 कर्मचारी काम करते हैं। सीईओ डैन प्राइस ने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए अपने वेतन के साथ ही कंपनी के मुनाफे में भी भारी कमी की।

उनकी कोशिश है कि अपने सभी कर्मचारियों को वह अगले तीन साल में 70 हजार डॉलर की सालाना सैलरी दे सकें। रुपये के हिसाब से देखें तो यह रकम 42 लाख रुपये के करीब बैठती है। बताया जाता है कि प्राइस ने एक स्टडी रिपोर्ट को पढ़ने के बाद यह अहम फैसला लिया।

प्राइस ने अपना वेतन 10 लाख डॉलर (6 करोड़ 20 लाख रुपये) को घटाकर 70 हजार डॉलर कर दिया और फर्म के 20 लाख डॉलर (लगभग 12 करोड़ 40 लाख रुपये) के मुनाफे में भी कटौती की। सीईओ के इस कदम से 30 कर्मचारियों का वेतन जहां दोगुना हो गया, वहीं 40 कर्मचारियों की तनख्वाह में भी काफी इजाफा हुआ। कंपनी ने बीते ही दिनों कंपनी की नई वेतन नीति का ऐलान किया। अपने वेतन में भारी बढ़ोतरी की यह घोषणा सुनकर कर्मचारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

प्राइस खुद इस कंपनी के संस्‍थापक हैं लिहाजा कंपनी में सबसे ज्यादा शेयर उन्ही के हैं। उन्होंने हैपिनेस को लेकर जो रिपोर्ट पढ़ी थी, उसमें कहा गया था कि कंपनी की ओर से मिलने वाली आय से किसी कर्मचारी के भावनात्मक संतुष्टि का स्तर तब बढ़ जाता है, जब वह सालाना 75,000 डॉलर कमाने लगता है।

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया हो रही है आसान

सरकार मोबाइन नंबर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया को आसान करने जा रही है। यानी आप अगर अपनी मौजूदा टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी से खुश नहीं हैं, तो ज्यादा झंझट किए बिना आप अपने मौजूदा मोबाइल नंबर पर ही दूसरी कंपनी की सेवाएं हासिल कर सकेंगे। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस बारे में सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किया है।

ट्राई ने अपने निर्देश में टेलीकॉम कंपनियों से कहा गया है कि वह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए ग्राहक से सिर्फ घोषण पत्र लें। ट्राई ने यह निर्देश सभी सेलुलर मोबाइल टेलीफोन सर्विस लाइसेंसेज, यूनिफायड सर्विसेज लाइसेंसेज को जारी किया है।

आगामी तीन मई से मोबाइल उपभोक्ता नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिए देश के किसी भी कोने में अपने पुराने मोबाइल फोन नंबर को जारी रख सकते हैं। अब तक यह सुविधा देश भर के लिए नहीं थी। ट्राई की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक मोबाइल उपभोक्ता को नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को यह घोषणा पत्र देना होगा कि यह मोबाइल नंबर उनके नाम पर है।

इसके अतिरिक्त उन्हें टेलीकॉम कंपनियों को कोई दस्तावेज नहीं सौंपने होंगे। अगर टेलीकॉम कंपनियां यह पाती है कि वह नंबर उस उपभोक्ता के नाम पर नहीं है तो दिए गए नंबर को काट दिया जाएगा। पिछले साल जून में पूर्ण नंबर पोर्टेबिलिटी को लागू करने का फैसला किया गया था। अभी उपभोक्ता टेलीकॉम कंपनियों की समान सर्किल में ही जगह बदलने पर अपने नंबर को कायम रख सकता है। ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों से यह भी कहा है कि उनके निर्देश पर क्या अमल किया गया, यह भी जानकारी दी जाए।

टीसीएस ने कर्मचारियों को दिया 2,628 करोड़ रुपये का बोनस

देश की सबसे बड़ी साफ्टवेयर सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कर्मचारियों को 2,628 करोड़ रुपये का बोनस देने का ऐलान किया है। जनवरी-मार्च तिमाही में टीसीएस का शुद्ध लाभ 2,628 करोड़ रुपये रहा। नतीजों को देशते हुए कंपनी ने कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा की है। एकमुश्त कर्मचारी बोनस के समायोजन के बाद 27 प्रतिशत घटकर 3,858.2 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि टीसीएस अगस्त 2004 में हुई कंपनी की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश की 10वीं वषर्गांठ पर कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन या एक बारगी बोनस प्रदान करेगी। टीसीएस ने कहा कि कंपनी के लिए इस विशेष प्रोत्साहन की लागत 2,628 करोड़ रुपये होगी।

वैश्विक स्तर पर जिन कर्मचारियों ने कंपनी में कम से कम एक साल काम किया है वे इस विशेष बोनस का भुगतान पाने योग्य होंगे। कंपनी के पास अक्तूबर से दिसंबर 2014 तिमाही में 3.18 लाख कर्मचारी थे। बयान में कहा गया कि हर कर्मचारी को टीसीएस में उसके सेवा काल के हर साल के एक सप्ताह के वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। टीसीएस शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के बाद से कंपनी भारतीय शेयर बाजार में सबसे अधिक पूंजीकरण वाली कंपनी बन गई।

मिल सकती है किसी भी एटीएम से अपने खाते में जमा करने की सुविधा

अपने डेबिट कार्ड के जरिए किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा तो बरसों से लोगों को मिल रही है, पर आने वाले दिनों में ग्राहकों को किसी भी बैंक के एटीएम के जरिए अपने खाते में पैसे जमा कराने की सुविधा भी मिल सकती है। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक देश की सभी कैश डिपॉजिट मशीनों को नेशनल फाइनेंशियल स्विच (एनएफएस) से जोड़ने पर विचार कर रहा है।

आरबीआई द्वारा ऐसा किए जाने पर सारी कैश डिपाजिट मशीनें एक दूसरे से जुड़ जाएंगी। फलस्वरूप ग्राहक किसी भी डिपॉजिट मशीन से अपने किसी भी बैंक खाते में पैसे जमा कर सकेगा। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान हाल ही में बताया कि एटीएम पहले से एनएफएस का हिस्सा हैं और अब नेशनल पेमेंट कारपोरेशन (एनपीसीआई) से सभी नकद जमा करने वाली मशीनों को एनएफएस से जोडने का प्रस्ताव है। इससे बैंक ग्राहकों को किसी भी बैंक की मशीन से अपने खातों में पैसा डालने की सुविधा मिलेगी।

खान ने कहा कि इसके अलावा दिन प्रतिदिन के लेनदेन के लिए वैकल्पिक बैंकिंग चैनलों को प्रोत्साहन देने का विचार है। एटीएम इंटरचेंज शुल्क के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा कि बैंकों के स्तर पर इस मामले में विचार हुआ और रिजर्व बैंक ने उन्हें खुद फैसला करने की अनुमति दे दी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 8.5 फीसदी बढ़ा

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2014-15) के उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। बीती तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने शुद्ध मुनाफे में 8.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।

इस अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6,381 करोड़ रुपये रहा है। रिफायनरी के कारोबार में ऊंचे मार्जिन की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जनवरी-मार्च में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 6,381 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 5,381 करोड़ रुपये था। 2014-15 वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में तेल कीमतों में गिरावट के कारण राजस्व 1,03,428 करोड़ रुपये से गिर कर 67,470 करोड़ रुपये रह गया है।

आरआईएल ने 10 रुपये प्रति शेयर लाभांश की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि ऐसे समय में जबक कच्चे तेल की कीमतों ने हाइड्रोकार्बन बाजार को अस्थिर किया है हमारे रिफायनरी के कारोबार ने रिकार्ड आय अर्जित की है।

बीती तिमाही में रिलायंस का कंसोलिडेटेड मुनाफा 21.4 फीसदी बढ़कर 6381 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटेड मुनाफा 5256 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 28 फीसदी घटकर 67470 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंसोलिडेटेड बिक्री 93528 करोड़ रुपये रही थी।

31 मार्च 2015 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऊपर 1.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था और इसी दौरान कंपनी के पास 84,742 करोड़ रुपये की नकदी रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 रिलांयस के लिए काफी अहम रहा है। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट रही है। लेकिन कंपनी की रिफाइनिंग आमदनी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। हाइड्रोकार्बन कारोबार, टेक्नोलॉजी में निवेश का फैसला सफल रहा है।

Wednesday, April 15, 2015

आईएफएल होम फाइनेंस का होम लोन हुआ चौथाई फीसदी तक सस्ता

होम लोन देने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी इंडिया इंफोलाइन हाउसिंग फाइनेंस (आईआईएचएफएल) ने अपने होम लोन की दर 25 आधार अंक या 0.25 फीसदी कटौती की है। घटी हुई 9.90 फीसदी की ब्याज दर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आईआईएचएफएल के चीफ एग्जीक्यूटिव मोनू रात्रा की ओर से इस संबंध में जारी वक्तव्य में कहा गया है कि हमारा मानना है कि होम लोन की दरो में कटौती का दौर जारी रहेगा और अगले कुछ वर्षों में घर खरीदने वालों को फायदा होग। मंगलवार को दीवान हाउसिंग और इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने भी अपनी होम लोन दरों में क्रमश: 0.25 फीसदी और 0.20 फीसदी की कटौती की थी।  निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी ने भी अपने होम लोन की दर 0.20 फीसदी कटौती कर 9.90 फीसदी कर दिया है। बैंक की नई दर का फायदा नए और पुराने दोनों ग्राहकों को मिलेगा। इससे पहले कई बैंकों ने अपने कर्ज की दरों में 0.25 फीसदी तक कटौती की थी।

इफको ने लांच किया ई-ट्रांफार्मेशन पोर्टल ग्राम संजीवनी

उर्वरक बनाने वाली सहकारी संस्‍था इफको की सहायक इकाई इफको किसान संचार लिमिटेड (आईकेएसएल) ने ग्रामीण भारत के ई-ट्रांफार्मेशन के लिए अपना वेब पोर्टल ग्राम संजीवनी लांच किया है। इस इंटरएक्टिव पोर्टल में कई तरह के फीचर दिए गए हैं।
ग्राम संजीवनी ने इन उपयोगी सूचनाओं को मोबाइल प्लेटफार्म  तक सीमित न  करके एक बड़ी संख्या में श्रोताओं व उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया है। पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण भारत में डाटा तक पहुंच बनाने के कार्य में तथा इंटरनेट के प्रयोग में काफी उन्नति हुई है।
यह पोर्टल इफको व आईकेएसएल की सूचनाप्रद जानकारियों को ऑडियो और वीडियो फार्मेट में अपनी भाषा में प्रयोग में लाने का अवसर प्रदान करता है। इसके जरिए यूजर्स अपना होमपेज सेट कर सकते हैं और अपनी रूचि के अनुसार जिस राज्य से वे संबंध रखते हैं, उससे संबंधित विषय, मंडियों तथा मौसम आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें किसान के लिए उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन भी जोड़ा गया है। आईकेएसएस के अध्यक्ष डॉ उदय शंकर अवस्थी और प्रबंध निदेशक, इफको ने  कहा कि इस पोर्टल में और अधिक गहन सेवाओं जैसे वर्चुअल एक्सटेंशन सेवाएं, रूरल क्राफ्ट्स तथा रूरल टूरिज्म को भी जोड़ा गया है।

30 फीसदी की दर से बढ़ रहा है डिजिटल एडवरटाइजिंग का बाजार

स्मार्टफोन और टेबलेट के जरिए इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने  डिजिटल एडवरटाइजिंग के कारोबार को नई तेजी दे दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2015 तक डिजिटल विज्ञापन बाजार सालाना लगभग 30 फीसदी की दर से बढ़ते हए 36.75 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। एसोचैम-डेलॉय के संयुक्त अध्ययन में यह बात कही गई है। अध्ययन में कहा गया है कि डिजिटल एडवर्टाइजमेंट में लचीलापन है और किसी भी तरह की डिवाइस जैसे टेलीविजन, लैपटॉप, टेबलेट या स्मार्टफोन के लिए इसे अपनाया जा सकता है। दोनो तरफ बातचीत करने की क्षमता और विज्ञापन को लक्षित दर्शकों के अनुरूप बनाने की क्षमता डिजिटल मार्केटिंग को अधिक प्रभावी बनाती है।
उद्योगों पर संसदीय स्थाई समिति के चेयरमैन व जदयू के सांसद केसी त्यागी ने चौथे नेशनल कान्क्लेव ऑन ई- कॉमर्स इंडिया पर एसोचैम के सम्मेलन को संबोधित करते केसी त्यागी ने संयुक्त अध्ययन जारी करते हुए कहा कि विभिन्न डिवाइसेज पर ई कॉमर्स अप्लीकेशंस की उपलब्धता बिक्री और राजस्व बढ़ाने में मदद कर रही है। डेलॉय इंडिया के टीएमटी लीडर के पार्टनर हेमंत जोशी ने कहा कि वैश्विक कंपनियों जैसे अमेजॉन और अलीबाबा की पैरेंट कंपनियों के पास बड़े पैमाने पर पैसा है, जिससे वे फंडिंग के लिए लगातार पैसा हासिल कर सकती हैं। घरेलू कंपनियों को इस सेक्टर में निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए निश्चित रूप से अलग मेट्रिक्स की जरूरत होगी।
ई-कॉमर्स कारोबार में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का भारत जैसे बड़े देश में प्रबंधन करना बेहद जटिल है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में पहुचने के लिए पूरी तरह से विकसित नहीं है। इसके अलावा ई कॉरोबार के लिए कर से जुड़ी नीतियां पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। वस्तुओं ओर सेवाओं की ऑनलाइन बिक्री के सौदों से जटिलता और बढ़ जाती है। इसके अलावा ई कारोबारी सेक्युरिटी सॉल्यूशन लगाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाते, जो ग्राहकों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से रोकता है। अलीबाबाडॉटकॉम, इंडिया के कंट्री जनरल मैनेजर, खालिद इसर ने कहा कि ई कॉमर्स का भविष्य उज्जवल है और ग्रोथ मोबाइल प्लेटफार्म, पर्सनलाइजेशन, सोशल मीडिया एनॉलिटिक्स, ओमनी-चैनल सर्विस और शेयरिंग इकॉनमी बिजनेस मॉडल से आएगी।

डिस्कवरी दिखाएगा दुनिया के बड़े आविष्कारों की कहानी

मानव इतिहास में जितनी जानें युद्ध में गईं उनके मुकाबले कहीं ज्यादा लोगों की मौत गंदे पानी से हुई है। पानी को क्लोरीन से साफ करने की कहानी से लेकर, कांच, घड़ी, चश्मे के शीशे आदि की आविष्कार की जीवंत कहनी डिस्कवरी चैनल पर शुरू हो रही है। ‘हाऊ वी गॉट टु नाऊ’ नाम के इस प्रोग्राम को 20 अप्रैल से दिखाया जाएगा और हर सोमवार रात 9 बजे इसका प्रसारण होगा।
डिस्कवरी चैनल की प्रेरणा देने वाली और मनोरंजक श्रृंखला ‘हाऊ वी गॉट टु नाऊ’ को विश्वविख्यात इनोवेशन एक्सपर्ट स्टीवन जॉनसन पेश कर रहे हैं और वे इतिहास, विज्ञान, कारोबार और टेक्नोलॉजी से जुड़ी उन तरक्कियों के बारे में बताएंगे जिनके बल पर हम आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। इस सीरीज में स्टीवन जॉनसन उन कमाल के आइडियाज के पीछे मौजूद कहानियों का खुलासा करेंगे जिनकी वजह से आधुनिक जीवन संभव हुआ।
इस सीरीज में वह बताएंगे कि इस आधुनिक दुनिया को मौजूदा रूप देने वाले पुरुषों और स्त्रियों के बीच कैसा जबर्दस्त मुकाबला था, किस तरह उन्होंने हैरतअंगेज सफलताएं पाईं। उनकी गजब की उपलब्धियों वाले पल कौन से थे। ये शौकिया खोजी और ऐसे आम लोग थे जिन्होंने कुछ असाधारण काम किए हैं, लेकिन फिर भी इनके बारे में कोई नहीं जानता। इस श्रृंखला में विषय और समय-काल की कोई सीमा नहीं है। इसमें जॉनसन अजीबोगरीब अवधारणाओं और अनोखे नतीजों के प्रति आकर्षित नजर आते हैं और इस सीरीज के जरिये हम कुछ ऐसे संपर्क बना पाएंगे, जिनके बारे में हमने पहले सोचा ही नहीं था।
इस श्रृंखला में स्टीवन जॉनसन बीती सदियों के दौरान हुई खोजों के इतिहास का जायजा लेते हैं और आधुनिक विज्ञान से जुड़ी चीजों के उदय का पता लगाने की कोशिश करते हैं, जैसे कि रैफ्रिजरेशन, घड़ियां और चश्मे के शीशे। जॉनसन पता लगाते हैं कि किस तरह लोगों ने शौक-शौक में इन्हें बना डाला, और उनकी इन कोशिशों के ऐसे ऐतिहासिक परिणाम निकले, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।
जॉनसन आपस में जुड़े न लगने वाले क्षेत्रों के बीच मौजूद अनोखे संबंधों का जायजा लेते हैं, जैसे कि एयरकंडीशनिंग के आविष्कार से किस तरह बड़ी तादाद में लोग दुबई या फिनिक्स जैसे शहरों की तरफ जाने लगे, जिनमें एयरकंडीशनिंग के बिना रहना संभव न हो पाता, किस तरह पेंडुलम वाली घड़ियों से औद्योगिक क्रांति की शुरूआत हुई, और कैसे साफ पानी ने कम्प्यूटर चिप का निर्माण मुमकिन बनाया।

केनन ने लांच किए नए प्रोजेक्टर

केनन इंडिया ने अपनी एलवी सीरीज के पांच और एक्सीड सीरीज के चार नई तकनीक से लैस प्रोजेक्टर बाजार में उतारे हैं। केनन ने वर्ष 2017 तक प्रोजेक्टर बाजार में अपनी हिस्सेदारी को 10 फीसदी तक करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2017 तक प्रोजेक्टर का बाजार 1,000 करोड़ तक होने का अनुमान है और केनन इस अवधि तक प्रोजेक्टर कारोबार को 100 करोड़ रुपये तक ले जाना चाहती है।
केनन के इन प्रोजेक्टरों की नई सीरीज की कीमत 40,750 रुपये से लेकर 5,00,000 रुपये तक है। केनन इंडिया के प्रेसीडेंट व सीईओ कजुतादा कोबायशी के मुताबिक भारतीय उपभोक्ता अब प्रोजेक्टर का इस्तेमाल आंकड़ों के प्रदर्शन के साथ फिल्म, वीडियो व गेम्स के प्रदर्शन के लिए भी कर रहे हैं। केनन के नए प्रोजेक्टर इन जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने बताया कि एलवी सीरिज के प्रोजेक्टर्स पोर्टेबल हैं।

2जी घोटाले में राजा ने मनमोहन को किया गुमराह

यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए बहुचर्चित टेलीकॉम घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए राहत की खबर आई है। सीबीआई ने विशेष अदालत के समक्ष कहा है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े नीतिगत मामलों पर मनमोहन सिंह को 'गुमराह' किया।

इस मामले में अंतिम दलील देते हुए विशेष लोक अभियोजक आनंद ग्रोवर ने कहा कि अन्य आरोपियों के साथ साजिश में राजा ने 2जी लाइसेंस आवंटनों में आरोपी कंपनियों के पक्ष में कट ऑफ तारीख आगे बढ़ा दी थी। ग्रोवर ने दलील दी कि राजा ने स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड (एसटीपीएल) और यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) लिमिटेड जैसी 'अयोग्य' कंपनियों को स्पेक्ट्रम दिया जाना मंजूर किया। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों के पक्ष में पहले आओ पहले पाओ (एफसीएफएस) नीति बदल दी गई और राजा ने तत्कालीन विधि मंत्री का प्रस्ताव भी खारिज कर दिया जिन्होंने अहम नीतिगत मामलों को मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह के पास भेजने की पेशकश की थी।

गौरतलब है कि राजा की ओर से 2 नवंबर 2007 को तत्कालीन पीएम मनामोहन को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए ग्रोवर ने कहा कि असल में राजा ने एफसीएफएस और कट ऑफ तारीख पर मनमोहन सिंह को गुमराह किया। डीओटी (दूरसंचार विभाग) में अदभुत चीजें हुई जिससे पता चलता है कि यह (एफसीएफएस नीति में बदलाव) आरोपियों के पक्ष में जानबूझकर किया गया।
मामले में अंतिम सुनवाई की अगली तारीख 25 मई है। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के इस मामले में राजा, द्रमुक

सांसद कनिमोझी और कुछ शीर्ष कॉरपोरेट अधिकारी सहित 15 अन्य लोग मुकदमे का सामना कर रहे हैं। मामले में साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग 11 नवंबर 2011 को शुरू हुई थी। अदालत ने एजेंसी की ओर से दाखिल किए गए दो आरोप पत्रों में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया। अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2जी स्पेक्ट्रम के लिए 122 लाइसेंसों के आवंटन में 30,984 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

हैवल्स ने लांच किया नया एलईडी ओर कम बिजली खपत वाला पंखा

बिजली के सामान व उपकरण बनाने वाली कंपनी हैवल्स इंडिया ने नया एलईडी लैंप लुमेनो बिजली की कम खपत करने वाला पंखा ईएस 40 बाजार में लांच किया है।

एलईडी लैंप लुमेनो प्रति वाट 110 लुमेन्स की रोशनी उत्पन्न करता है। यह पर्यावरण के भी अनुकूल है और इससे बिजली केबिल में काफी बचत होगी।

कंपनी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अनिल राय गुप्ता के मुताबिक लुमेनो ऑन होते ही दो सेकेंड से भी कम समय में 100 फीसदी लुमेन्स देता है और सीएफएल के मुकाबले 50 फीसदी ऊर्जा की बचत करता है। इसमें 2.5 केवी सर्ज प्रोटेक्शन है, जिसमें 100-300 वोल्ट तक उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता है। यह लैंप दो वेरिएंट्स में उपलब्ध होगा। कूल डे लाइट व वार्म व्हाइट। यह लैंप 3,5,7,10 वाट में उपलब्ध है। भारत में वर्तमान में एलईडी लाइट कारोबार 850 करोड़ रुपये का है।

हैवल्स इंडिया के मुताबिक ईएस 40 पंखा मात्र 40 वाट बिजली पर चलता है, जबकि आम पंखे 75-80 वाट बिजली खर्च करते हैं। कंपनी इससे पहले ईएस 50 पंखा लांच कर चुकी है, जो 50 वाट बिजली पर चलता है। भारत में ब्रांडेड पंखों का बाजार 5,500 करोड़ रुपये का है और हैवल्स की हिस्सेदारी पंखा कारोबार में 14 फीसदी की है। हैवल्स ने वर्ष 2003 में पंखे के बाजार में प्रवेश किया था। कंपनी के मुताबिक यह पंखा 5 स्टार रेटिंग के सभी मानकों के अनुरूप है। कंपनी ने पंखा बाजार में अगले दो साल में अपनी हिस्सेदारी को 16 फीसदी करने का लक्ष्य तय किया है।

रेल यात्र की प्लानिंग के लिए आया नया ऐप 'रेलयात्री इन्साइट्स'

कौन सी ट्रेन कितना लेट चलती है या ‌किस गाड़ी में वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना ज्यादा है। रेल यात्रियों के इस सवाल के समाधान में उनकी मदद के लिए रेलयात्री डॉट इन ने एक नया 'रेलयात्री इन्साइट्स' ऐप तैयार किया है।

नोएडा की कंपनी की ओर से तैयार किया गया यह ऐप यात्रियों को यह बताता है कि किस गाड़ी में किस सीजन में औसतन कितने नंबर तक के वेटिंग टिकट कन्फर्म हो जाते हैं या गाड़ी महीने में औसतन कितनी देरी से पहुंचती है। इससे ग्राफ के जरिए कोई यह भी पता लगा सकता है कि गाड़ी विशेष में किन दो स्थानों के बीच सबसे अधिक लोग सफर करते हैं या किस स्टेशन से सबसे ज्यादा लोग चढ़ते-उतरते हैं।

रेलयात्री डॉट इन के सह-संस्थापक एवं सीईओ मनीष राठी ने अपने ऐप की खासियतों का खुलासा करते हुए बताया कि रेलवे की (आईआरसीटीसी इंडियन रेलवे कैटनिंग ऐंड टूरीज्म कॉर्पोरेशन) साइट या रेलवे आरक्षण क्लर्क आप को यह नहीं बताएगा कि किस गाड़ी में प्रतीक्षा सूची का टिकट कन्फर्म होने की संभावना ज्यादा है या गाड़ी के समय से पहुंचने की संभावना क्या है।

रेलयात्री इन साइट्स छिपी हुई लेकिन उपयोगी जानकारियों का खुलासा करता है। उन्होंने बताया कि यह टूल 8,000 रेलवे स्टेशनों एवं 2,000 से अधिक मार्गों से यात्रा करने वाले 5 करोड़ से अधिक यात्रियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।

इस ऐप की एक खासियत यह भी है कि यह गाड़ी के मार्ग में जगह-जगह ' मोबाइल कनेक्टिविटी' की स्थिति की भी जानकारी देता है। यह ऐप अभी नेट आधारित है। इसे जल्दी ही मोबाइल आधारित बनाने की तैयारी है।

पूर्ण परिवर्तनीयता की ओर कदम बढ़ा सकती है सरकार

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार होने के लिए भारत को आने वाले दिनों में पूंजी खाते में पूर्ण परिवर्तनीयता की ओर बढ़ाने के साथ ही कई नीतिगत कदम उठाने की जरूरत है। यह बात वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कही। इसकी वकालत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन भी करते रहे हैं।

सिन्हा ने कहा कि अगर हमें भारत को ग्लोबल स्तर पर एक अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है, तो हमें समय के साथ कई नीतिगत कदम उठाने होंगे और कई चीजें करनी होंगी। इसे करने के लिए हमें अपने पूंजी बाजार को और व्यापक और गहरा बनाना होगा। पूंजी खाते की परिवर्तनीयता भी इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। वैश्विक अर्थ व्यवस्था में हमें निश्चित रूप से अपनी उचित भूमिका और जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके लिए हमें परिवर्तनीयता की ओर कदम बढ़ाना होगा।

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली भी बड़े सुधारों की जरूरत जताते हुए आने वाले महीनों में कुछ वित्तीय सुधार किए जाने का संकेत दे चुके हैं। विदेशी वित्तीय संस्थान भी देश में बड़े वित्तीय सुधारों और जमीनी स्तर पर कारोबार करने की सहूलियतों को बढ़ाने की जरूरत जता चुके हैं। इसके अलावा सिन्हा का बयान इस संदर्भ में भी प्रासंगिक हो जाता है, क्यों कि आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भी हाल ही में कह चुके हैं कि रिजर्व बैंक आने वाले कुछ वर्ष में पूंजी खाते की पूर्ण परिवर्तनीयता की इजाजत देने पर विचार कर रहा है।

राजन ने कहा था कि पूंजी का प्रवाह बढ़ाने को लेकर रिजर्व बैंक खुले दिमाग से विचार कर रहा है। राजन ने कहा था कि पूंजी के प्रवाह के मामले में केवल ऋण बाजार से जुड़ी कुछ बंदिशें हैं, वह भी खासकर कम अवधि के कर्ज (डेट) निवेशों में।

पूंजी की पूर्ण परिवर्तनीयता का मतलब यह है कि विदेशी निवेशक अपनी इच्छा के मुताबिक अपने धन को अपने देश में प्रचलित मुद्रा में वापस भेज सकेंगे। फिलहाल भारत में इसकी इजाजत नहीं है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में गुजरात में देश के पहले अंतरराष्ट्रीय फाइनेंस सेंटर का उद्घाटन किया है। रुपये की पूर्ण परिवर्तनीयता इस ग्लोबल फाइनेंसियल सर्विस हब के प्रभावशाली ढंग से काम कर पाने के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।

गौरतलब यह है कि कई आर्थिक विश्लेषक पूर्ण परिवर्तनीयता के बजाय आरबीआई की मौजूदा आंशिक मौद्रिक नियंत्रण की नीति की भी सराहना करते हैं। उनका मानना है कि इसी के चलते रुपये को बड़ी गिरावट का शिकार होने से बचाए रखा है, जबकि मुद्रा की पूर्ण परिवर्तनीयता के चलते उस समय (1997-98) में दक्षिण एशिया की कई मुद्राओं में भारी गिरावट देखने को मिली थी।

नोकिया ने अल्काटेल ल्यूसेंट को खरीदा

दूरसंचार क्षेत्र में विलय का एक बड़ा सौदा हुआ है। यह सौदा फिनलैंड की नोकिया और फ्रांसीसी दूरसंचार उपकरण बनाने वाली अल्काटेल ल्यूसेंट के बीच हुआ है। विलय के लिए शेयरों के लेन-देन के आधार पर 15.06 अरब यूरो में यह सौदा हुआ है। विलय के बाद बनने वाली नयी कंपनी नोकिया कॉरपोरेशन कही जाएगी।

यह सौदा अल्काटेल-ल्यूसेंट के बेल लैब्स और नोकिया के फ्यूचरवर्क्‍स और इनोवेशन की शक्ति को और मजबूत करने के उद्येश्य से किया गया है। विलय के बाद नोकिया समूह कंपनी का नेतृत्व करेगा। रिस्तो सिलास्मा को कंपनी का चेयरमैन और राजीव सूरी को मुख्य कार्यकारी बनाए जाने की बात है। नोकिया कापरेरेशन में 33.5 प्रतिशत शेयर अल्काटेल ल्यूसेंट के शेयरधारकों और 66.5 प्रतिशत शेयर नोकिया के शेयरधारकों के पास होंगे।

इस सौदे के तहत पेटेंट विकसित और लाइसेंस करने वाली नोकिया टेक्नोलाजीज और नोकिया ब्रांड अलग इकाई के तौर पर काम करेंगे। दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल ने प्रस्तावित सौदे की शर्तों को मंजूरी दे दी है। यह सौदा 2016 की पहली छमाही में पूरी होने की उम्मीद है।

नोकिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी राजीव सूरी के मुताबिक कहा कि अल्काटेल-ल्यूसेंट और नोकिया मिलकर अगले दौर की नेटवर्क तकनीक और सेवाओं का नेतृत्व करना चाहते हैं, जिसमें लोगों और चीजों के लिए कहीं से भी किसी से अबाध संपर्क बनाने में की संभावना बनेगी। उन्होंने कहा कि हमारी इनोवेशन की क्षमता असाधारण होगी, नोकिया के अनुंसधान एवं विकास को अल्काटेल-ल्यूसेंट और इसके मशहूर बेल लैब्स के साथ जोड़ा जाएगा।

Monday, April 13, 2015

यामाहा की सुपर बाइक वाईजेडएफ- आर 1 एम भारत में

यामाहा मोटर इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने वाईजेडएफ-आर 1 के नए कलर वैरिएंट के साथ बहुप्रतीक्षित वाईजेडएफ-आर 1 एम लांच किया है। नई बाइक आर्डर पर उपलब्ध होगी।

यामाहा वाईजेडएफ-आर1 एम ब्लइस व्हाइट मेटैलिक 2 कलर में उपलब्ध है और इसकी कीमत 29,43,100 रुपये (एक्स शोरूम दिल्ली) में उपलब्ध है।

वाईजेडफ-आर 1 दो नए रंगों में उपलब्ध है। वाईजेडएफ आर 1 की कीमत 22,34,300 रुपये (एक्स शोरूम दिल्ली ) में उपलब्ध है। नई वाईजेडएफ-आर 1  और वाईजेडएफ-आर1 एम यामहा के हाइटेक आर्म्ड प्योर स्पोर्ट कंसेप्ट पर आधारित है। यह सुपरस्पोर्ट मॉडल पूरी तरह से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लैस है।  नई बाइक यामाहा की मोटोजीपी रेसिंग मशीन वाईजेडआर-एम1 का अनुभव करने का मौका देती है।

बड़ी कंपनियां भी अब बेच सकेंगी अचार, चटनी

केंद्र सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उपक्रमों (एमएसई) क्षेत्र के लिए सुरक्षित 20 आइटम को सुरक्षित क्षेत्र से बाहर कर दिया है। इन 20 आइटमों का उत्पादन अब किसी भी श्रेणी के उद्यमी कर सकते हैं। इस मामले में सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इन उत्पादों में अचार-चटनी, ब्रेड, सरसों तेल, मूंगफली तेल, लकड़ी के फर्नीचर, किताब व रजिस्टर एक्सरसाइज, वैक्स कैंडल, लाउंड्री शॉप, सेफ्टी मैच, फायर वर्क्स, अगरबत्ती, कांच की चू‌ड़ियां, स्टील अलमारी, रोलिंग शटर, स्टील की कुर्सी, स्टील टेबल, स्टील फर्नीचर, पैडलाक्स, स्टील के बर्तन व एल्युमीनियम के बर्तन शामिल हैं।

देश में सूक्ष्म एवं लघु उपक्रमों के कारोबार को बढ़ावा देने के  उपायों के तहत ऐसे उत्पादों की सूची तैयार की गई थी, जिनका निर्माण सिर्फ सूक्ष्म एवं लघु कारोबारी ही कर सकते हैं। केंद्र सरकार समय समय पर इस सूची की समीक्षा कर उत्पादों को सूची से बाहर करती रहती है।

फिलिप्स ने लांच किया प्री क्लीन जूसर

घरेलू उपयोग के उपकरण बनाने वाली कंपनी फिलिप्स ने प्री क्लीन जूसर बाजार में पेश किए हैं। कंपनी का कहना है कि इसकी खास तकनीक और डिजाइन फलों से ज्यादा से ज्यादा जूस निकालती है। प्री क्लीन तकनीक में जूसर के भीतर एक फाउंटेन लगाया गया है।

यह फाउंटेन जूसर की छलनी ने अवांछित रेशों को हटा कर ज्यादा से ज्यादा जूस को बाहर निकालने में मदद करता है। इस तकनीक की मदद से यह जूसर 10 फीसदी अधिक जूस निकालता है। बेहतर प्रदर्शन के लिए जूसर में 700 वाट की दमदार मोटर लगाई गई है।

इसके अलावा इसमें 75 मिली मीटर का बड़े आकार वाला फीडिंग ट्यूब दिया गया है, जिससे जूस निकालने के लिए फलों को छोटे टुकड़ों में काटने का झंझट नहीं रह जाता। प्री क्लीन जूसर से एक बार में 2 लीटर तक जूस निकाला जा सकता है।

फिलिप्स के डायरेक्टर मार्केटिंग व बिजनेस हेड, डोमेस्टिक अप्लाइंसेज गुलबहार तौरानी फिलिप्स ने यह जूसर आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पेश किया है। इस जूसर का मेंटेनेंस आसान है और क्वालिटी उच्च गुणवत्ता वाली है।

शेल इंडिया ने जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के विजेताओं को सम्मानित किया

ऊर्जा सेक्टर से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी शेल ने जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन के विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी है। जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन में देश भर के 650 स्कूलों के 15,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। पिछले साल की तुलना में यह संख्या दोगुनी रही।


भारत में शेल के चेयरमैन यास्मीन हिलटन ने 20 राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय विजेताओं को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक (एनर्जी सेल) ननेंद्र तनेजा और ब्रिटिश हाई कमीशन के फर्स्ट सेक्रेट्री (ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट, नॉर्थ इंडिया) क्रिस डेन भी शामिल हुए।

युवाओं की रचनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करने के लिए शेल इंडिया ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। साल 2012 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम देश के युवाओं को नेता, वैज्ञानिक एवं भविष्य के लिए खोजकर्ता बनाने के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए ऊर्जा, पर्यावरण एवं सतत विकास जैसे मुद्दों को थीम बनाया जाता है।

इस मौके पर डॉ यास्मीन हिलटन ने कहा कि मैं जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के तीसरे एडिशन के विजेताओं को सम्मानित कर काफी खुश हूं। शेल हमेशा ऊर्जा संबंधी चुनौतियों के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने और सस्टेनेबिलिटी के जरिए विचार नेतृत्व को बढावा देने की कोशिशों में जुटी रहती है। शेल जूनियर नेशनल साइंस स्कॉलरशिप इस तरह के उद्देश्य को ब़ढावा देने में मदद करती है। हम छात्रों को विज्ञान एवं तकनीक में कैरिय बनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक (एनर्जी सेल) नेंद्र तनेजा ने कहा कि मैं विजेताओं को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे विज्ञान एवं ऊर्जा को कैरियर के रूप में चुनकर देश के विकास में भूमिका अदा करेंगे।  मैं शेल जैसी कंपनियों के प्रयास की सराहना करता हूं कि इस तरह के कार्यक्रम के जरिए उन्होंने भावी वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को निखारने की कोशिश की।

अवार्ड सेरेमनी में डॉ हिलटन ने एक रिपोर्ट भी जारी की। एनर्जी सस्टेनेबिलिटी एंड कंजर्वेशन नाम की इस रिपोर्ट में 13980 बच्चों के विचार हैं। यह रिपोर्ट को बच्चों की भागीदारी के हिसाब से तैयार किया गया जिससे कि भारत में एनर्जी एवं सस्टेनेबिलिटी के बो में उनकी धारणाओं को इसमें शामिल किया जा सके। इसके लिए मौजूदा संसाधन, ऊर्जा दक्षता के लिए सरकारी एवं नीतिगत मदद और ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों के व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।

दिल्ली पब्लिक स्कूल बेंगलुरु के यश दीक्षित, सेंट मैरी इंटर कॉलेज लखनऊ के सार्थक सिंह और एपीजे स्कूल पीतमपुरा के कुशाग्र जुनेजा स्कॉलरशिप के नेशनल विनर रहे। कुशाग्र जुनेजा दरअसल शेल जूनियर नेशनल साइंस चैंपियनशिप के दूसरी बार के विजेता हैं।

पिछली बार वह नौंवी कक्षा के छात्र के रूप में इसमें शामिल हुए थे। इस स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन एग्जाम जनवरी-फरवरी में आयोजित किए गए थं, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं जनरल नॉलेज के टेस्ट हुए। परीक्षा में एक सब्जेक्टिव और बाकी ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल थे। 17 क्षेत्रीय विजेताओं को 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी, जबकि नेशनल अवार्ड विनर को 1,25,000 रुपए का इनाम मिलेगा।

महागन ने लांच किया लग्जरी हाउसिंग प्राजेक्ट एम-कलेक्शन

रीयल एस्टेट कंपनी महागन ने आज अपने नए लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘एम‘ कलेक्शन को लॉन्च किया है।

इसकी प्रत्येक प्रॉपर्टीज में यूनिट्स की चुनिंदा संख्या होगी, जिन्हें संपन्न व्यक्तियों और उन ग्राहकों की जरूरतों व पसंद को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है, जो अपने घर में ग्लोबल स्तर की लग्जरी लिविंग का आनंद लेना चाहते हैं। महागन ने एम कलेक्शन में ऐसे ही भव्य घर, विला, विलामेंट्स, कॉन्डोमिनियम्स और पेंटहाउस की गई है। इनका निर्माण आधुनिक रहन-सहन के लिए वैभवशाली सुंदरता, आकर्षक संयोजन और शानदार वास्तुशिल्प का मेल करते हुए किया गया है।
‘एम कलेक्शन‘ डिजाइनर घरों का एक बुके है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात वास्तुकारों एवं डिजाइनरों द्वारा डिजाइन किया गया है। इसमें एक्सक्लूसिव सर्विस पोर्टफोलियो की भी पेशकश की गई है। कलेक्शन में मौजूदा समय में 800 यूनिट्स हैं। इनमें विलाज, विलामेंट, कॉन्डोमिनियम्स और पेंटहाउस शामिल हैं। इन पर्यावरण-हितैषी घरों की कीमत 2 करोड़ रूपये से लेकर 10 करोड़ रूपये के बीच है। इनका क्षेत्र 3000 वर्ग फीट से 12,000 वर्ग फीट है। ‘एम कलेक्शन‘ को नोएडा में लॉन्च किया जा रहा है। कंपनी की बैंगलोर, मुंबई और गुड़गांव जैसे अन्य महानगरों में भी विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना है।

इस कलेक्शन के बारे में महागन के ब्रांड ऐम्बेसेडर शाहरुख खान ने कहा कि मैं इस बात में यकीन करता हूं कि घर, मालिक की शख्सियत को बयां करते हैं और यह ऐसा स्थान है, जहां हर दिन नई यादें बनती हैं। एम कलेक्शन लग्जरी की बेहतरीन परिभाषा है और मुझे इसका अनावरण करने के लिए यहां उपस्थित होकर बेहद खुशी हो रही है।

प्रोजेक्ट की लांचिंग के मौके पर महागन के निदेशक अमित जैन ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय रीयल एस्टेट डोनाल्ड ट्रम्प से अत्यधिक प्रेरित हैं। उन्होंने हमें भारत में विश्वस्तरीय घर विकसित करने की प्रेरणा दी है। उसी के मुताबिक हमने  ‘एम कलेक्शन‘ को लॉन्च किया। हमें उम्मीद है कि यह कलेक्शन लग्जरी पसंद करने वाले ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगा।

कंपनी ने निदेशक धीरज जैन ने कहा कि हम भली भांति समझते हैं कि घर दुनिया के समक्ष आपको अभिव्यक्त करते हैं, यह आपके व्यक्तित्व, पसंद और समाज में आपकी हैसियत का प्रतिबि‌म्ब होते हैं। हमने अपने ‘एम कलेक्शन‘ को इन्ही बातों का ध्यान रखते हुए वैभवता और सुंदरता के साथ तैयार किया है।

रेनो भी उतरने जा रही है पुरानी कारों के बाजार में

मारुति, महिंद्रा, फोर्ड और टोयोटा जैसी प्रमुख कार निर्माता कंपनियों के बाद अब फ्रांस की रेनो भी पुरानी कारों के कारोबार में कदम रखने जा रही है। रेनो ने इस साल की दूसरी छमाही में भारत में सेकेंड हैंड कारों के बाजार में उतरने की योजना बनाई है। 

वह देश के कार बाजार में में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पुरानी कारों के कारोबार में हाथ आजमा रही है विचार कर रही है। इसके तहत रेनो ने वर्ष 2016 के अंत तक पुरानी कारों के बाजार में 5 फीसदी हिस्‍सेदारी हासिल करने का लक्ष्‍य तय किया है।

रेनो के सीईओ और एमडी सुमित सावने ने बताया कि इस वेंचर के माध्‍यम के द्वारा हम भारतीय ग्राहकों को अपनी कार बेचने का एक बेहतर प्‍लेटफॉर्म देना चाहते हैं। हम इस साल की दूसरी छमाही में सैकेंड हैंड कारों का कारोबार शुरू करने जा रहे हैं। भविष्य में वृद्धि के लिए यह महत्वपूर्ण है। हमने महसूस किया कि ग्राहकों को सही मंच प्रदान करने की जरूरत है, जहां वह पुरानी कारें बेच सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल पायलट आधार पर पुरानी कारों के कारोबार को आंतरिक तौर पर परीक्षण कर रही है।

गौरलतब है कि रेनो ने भारतीय बाजार में अब तक अपने 6 मॉडल पेश किए हैं। रेनो ने हाल ही में मल्‍टी पर्पज व्‍हीकल लॉगी पेश की है। मौजूदा वित्‍त वर्ष में कंपनी ने बिक्री को दोगुना करते हुए 1 लाख वाहन बेचने का लक्ष्‍य तय किया है।

Wednesday, April 8, 2015

साल भर में पूरा हो जाएगा पूरा सेबी-एफएमसी का विलय

पूंजी बाजार की नियामक संस्‍था भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उम्मीद जताई है कि उसके साथ वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) का विलय छह माह से एक साल के भीतर पूरा हो जाएगा।

सेबी के अनुसार विलय की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय और मानव संसाधन संबंधी जरूरतों को पूरा करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से चल रही है। विलय में सबसे अहम मुद्दा एफएमसी के कर्मचारियों के लिए अगले तीन-चार साल के लिए वेतन की राशि उपलब्ध कराने की है। इस राशि से ही इन कर्मचारियों को शुरुआती दौर में वेतन दिया जाएगा, जबतक कि नया निकाय अपनी खुद की आमदनी शुरू न हो जाए।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2014-15 के बजट में एमफएमसी का सेबी के साथ विलय करने की घोषणा की थी। सरकार ने यह कदम इक्विटी और कमोडिटी बाजार के सुचारु और ज्यादा पारदर्शी ढंग से संचालन के लिए यह कदम उठाया है। एमसीएक्स एक्सचेंज का घोटाला सामने आने के बाद से ही सेबी और एफएमसी का विलय करने की मांग उठ रही है।

आरईसी के ओएफएस निवेशकों से मिला तगड़ा समर्थन

सरकारी कंपनियों के विनिवेश की दिशा में नए वित्त वर्ष (2015-16) को बड़ी कामयाबी मिली है। निवेशकों ने ऊर्जा मंत्रालय की कंपनी ग्रामीण विद्युतिकरण निगम (आरईसी) के ओएफएस को हाथों-हाथ लिया है।

ऑफर के जरिए बेचे जाने वाले 4.93 करोड़ शेयरों के लिए बुधवार को मंगाई गई थी, पर निवेशकों की ओर से 25.24 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिले हैं। खुदरा श्रेणी में तो 9.02 गुने ज्यादा का अभिदान मिला है। इससे सरकार की झोली में करीब 1,550 करोड़ रुपये आ गए।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक आरईसी का ओएफएस खुलने के महज डेढ़ घंटे में भी ओवर सबस्क्राइब हो गया। इसके लिए फ्लोर प्राइस तो 315 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था, लेकिन इसके लिए खुदरा निवेशकों ने 325.10 रुपये और संस्थानिक निवेशकों ने 324.73 रुपये प्रति शेयर तक की बोली आई। ओएफएस में खुदरा निवेशकों के लिए 20 फीसदी शेयर आरक्षित थे और उन्हें पांच फीसदी की छूट भी मिलेगी।

सरकार ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान सरकारी कंपनियों के शेयरों की बिक्री से 41,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि एक वर्ष पहले विनिवेश के मद में 43,425 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वर्ष खत्म होने पर सरकार की झोली में 24,500 करोड़ रुपये ही आ पाए थे।

स्पीक एशिया का 101 करोड़ रुपये बैंक बैलेंस अटैच

स्‍पीक एशिया ऑनलाइन मार्केटिंग घोटाले के मामले में मनी लांड्रिंग जांच के तहत कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) ने कंपनी से जुड़े 101 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को अटैच किया है। अटैच किया गया बैंक बैलेंस कंपनी और अन्‍य द्वारा संचालित किया जाता था।

सिंगापुर की इस कंपनी की जांच ईडी सहित कई और एजेंसियां कर रही हैं। स्पीक एशिया पर निवेशकों के साथ 700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।

यह घोटाला 2011 में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया था। इसके बाद कंपनी और इसकी भारत व विदेश स्थित अन्‍य शाखाओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि स्‍पीक एशिया के प्रवर्तकों ने एक ऑनलाइन मार्केटिंग सर्वे कंपनी मार्च 2010 में शुरू की थी।

तब कंपनी निवेशकों से 11,000 रुपये लेकर उन्‍हें अपना सदस्‍य बनाती थी। इन सदस्यों को कुछ मल्‍टीनेशनल कंपनियों के सर्वे फॉर्म भरने को दिए जाते थे। इन सर्वे फॉर्म को सफलतापूर्वक भरने पर निवेशकों को 52,000 रुपये रिटर्न करने का वादा कंपनी ने किया था।

शुरुआत में कंपनी ने कई निवेशकों को यह रिटर्न दिया भी, लेकिन बाद में कंपनी  कारोबार बंद कर निवेशकों का पैसा लेकर भाग गई। निदेशालय ने 2012 में कंपनी, इसके अधिकारियों और कुछ अन्‍य लोगों पर प्रोवीजन ऑफ प्रेवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्‍ट (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।

लोन ईएमआई में कटौती का दौर फिर दे रहा है दस्तक

आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की सख्ती के बाद बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में कटौती करनी तो शुरू की है, पर फिलहाल यह ऊंट के मुंह में जीरे जैसी नजर आ रही है। राजन द्वारा रेपोरेट में पिछली दो कटौतियों का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की हिदायत के बाद बैंकों ने इस ओर कदम बढ़ाना शुरू किया है, पर अभी वह अनमने मन से इस ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

एसबीआई, एचडीएफीसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की ओर से मंगलवार को लोन की दरों में कटौती किए जाने के बाद देश में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक एक्सिस बैंक ने भी लोन सस्ता किया है। एक्सिस बैंक ने अपनी आधार दर में 0.20 फीसदी की कटौती करके इसे 9.95 फीसदी कर दिया है। नई आधार दर 13 अप्रैल से प्रभावी होगी। अब तक बैंक की आधार दर 10.15 फीसदी थी।

लोन की ब्याज दरें घटाने को लेकर मौद्रिक समीक्षा पेश करने के बाद रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन के सख्त बयान के बाद सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों के बैंकों द्वारा लोन की ब्याज दरों में कटौती किए जाने से अब ग्राहकों के लिए ईएमआई का बोझ घटने का रास्ता कुछ खुलता हुआ नजर आ रहा है।

हालांकि यह राहत फिलहाल मामूली है, क्योंकि बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में महज 0.10 फीसदी से चौथाई फीसदी (0.25) की ही कटौती करने की घोषणा की है। बहरहाल इस छोटी राहत ने भी लोगों में सस्ते कर्ज के दौर की वापसी को लेकर उम्मीद जरूर जगा दी है, क्योंकि लोन की दरों में बैंकों की ओर से यह कटौती एक साल से भी ज्यादा समय गुजरने के बाद की गई है।

ताजा दौर में की गई कटौतियों में ब्याज दर में सबसे ज्यादा 0.25 फीसदी की कमी देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े आईसीआईसीआई बैंक ने की है, जबकि सबसे पहले कटौती की घोषणा करने वाला एसबीआई रहा। हालांकि एसबीआई ने लोन की आधार दर महज 0.10 फीसदी घटाई है। बड़े बैंकों द्वारा दरें घटाने के बाद कुछ अपेक्षाकृत छोटे बैंकों ने भी इस ओर कदम बढ़ाया है। इनमें लक्ष्मी विलास बैंक ने अपनी आधार दर 0.15 फीसदी घटाकर 11.10 फीसदी कर दी है। यह 14 अप्रैल से लागू हो रही है।

ऑनलाइन किराना कारोबार में उतरेगी अब फ्लिपकार्ट

मोबाइल, टैबलेट, मोबाइल, जूते और कपड़े आदि की ऑनलाइन बिक्री में तगड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद ई-रिटेल चेन फ्लिपकार्ट किराना कारोबार में भी हाथ आजमाने की तैयारी में है। कंपनी आने वाले छह महीनों में ग्रॉसरी आइटम्‍स की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक कारोबार के लिए जरूरी तकनीक, गोदाम और कई बड़े ब्रांडों के साथ अपने करार को देखते हुए कंपनी ग्रॉसरी सेग्मेंट में हाथ आजमाने के बारे में गंभीरता से सोच रही है।  हालांकि औपचारिक रूप से अभी फ्लिपकार्ट ने इस बात को स्वीकार नहीं किया है।

माना जा रहा है कि वह तगड़ी तैयारी के साथ ग्रॉसरी बाजार में उतरेगी क्योंकि ऐमजॉन और स्नैपडील पहले से इस सेग्‍मेंट में मौजूद हैं। फ्लिपकार्ट इस सर्विस को लॉन्च करने के लिए किसी कंपनी को नहीं खरीदेगा। वह खुद इस बिजनस को शुरू करने जा रहा है। इस बिजनस में उतरने के बाद फ्लिपकार्ट का मुकाबला बिगबास्केट, जॉपनाउ और लोकल बनिया जैसी ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनियों से होगा। भारत की ऑनलाइन रिटेल इंडस्ट्री में अब वर्चस्व की लड़ाई का मैदान ग्रॉसरी रिटेल बन गया है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ऐमजॉन इंडिया ने किराना दुकानों के साथ मिलकर एक्सप्रेस डिलीवरी प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा कर चुका है। ऐमजॉन ने इसे 'किराना नाउ' के नाम से शुरू कर रहा है। कंपनी फिलहाल बंगलूरू में इसे प्रयोग के तौर पर चला रही है।

मुद्रा बैंक देगा छोटे कारोबारियों को 10 फीसदी से कम पर लोन

छोटे एवं मझोले उपक्रमों को आसनी से कर्ज उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से शुरू किए जा रहे 20,000 करोड़ रुपये के माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा बैंक) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन कर दिया है। मुद्रा बैंक एनबीएफसी के तौर पर काम करेगा और इसके तहत छोटे और मझोले दर्जे के उद्यमियों को सस्ती दरों पर 10 लाख रुपये तक के लोन दिए जाएंगे। शुरुआती दौर में मुद्रा बैंक सिडबी की इकाई के तौर पर काम करेगा।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिलने वाले 3 तरह की लोन योजनाओं को शिशु, किशोर और तरुण का नाम दिया गया है। इनमें शिशु योजना के तहत 50 हजार रुपये तक के लोन दिए जाएंगे। किशोर योजना के तहत 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक के और तरुण योजना के तहत 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के कर्ज उद्यमियों को दिए जाएंगे। देश के बड़े औद्योगिक घराने सिर्फ 1.25 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, जबकि छोटे उद्यमी 12 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं। मोदी ने कहा कि मुद्रा बैंक से देश की जीडीपी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

माना जा रहा है कि मुद्रा बैंक से देश के करीब 5 करोड़ 77 लाख छोटे कारोबारियों को लोन की सहूलियत मिलेगी। छोटे कारखानों और दुकानों के लिए इससे लोन मिलेगा। यही नहीं, सब्जी वालों, सैलून, खोमचे वालों तक को भी इसके तहत लोन देने की योजना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अलग-अलग सेक्टरों के हिसाब से योजना बनाई जाएगी।

Tuesday, April 7, 2015

प्रीमियम बाइकों पर ही अब फोकस करेगी सुजुकी

मोटरसाइकिल बनाने वाली जापानी कंपनी सुजुकी 150 सीसी और इससे की बाइक के प्रीमियम सेगमेंट पर ही अब फोकस करेगी। कंपनी ने इस वित्त वर्ष में भारत में 5 लाख बाइक बेचने का लक्ष्य रखा है। सुजुकी की भारतीय इकाई सुजुकी मोटरसायकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसएमपीएल) मौजूदा वित्त वर्ष में अपनी सुपरबाइक की बिक्री 40 फीसदी बढ़ा कर 400 यूनिट पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसमें हायाबुशा और जीएसएक्स-आर शामिल हैं। इसके लिए कंपनी ने  800 सीसी से ज्याद क्षमता वाली बाइक एस 1000 और एस 100 एफ जैसे नए ग्लोबल मॉडल लांच करने की योजना भी बनाई है। सुजुकी मोटरसायकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को अपने फ्लैगशिप माडल जिक्सर का संस्करण लांच किया है। इसकी कीमत 83,439 रुपये (एक्श शोरूरम, दिल्ली) है।  सुजुकी मोटरसायकिल इंडिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट अतुल गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आगे चल कर हमारा फोकस 150 सीसी और इसके ऊपर की बाइक पर होगा। हमारा इरादा युवा और दिल से जवां ग्राहकों के लिए उत्पाद पर फोकस करना है।

अब स्नैपडील और अमेजॉन पर भी मिलेंगे श्याओमी के स्मार्टफोन

हैंडसेट बनाने वाली चीन की कंपनी श्याओमी के फोन अब फ्लिपकार्ट पर एक्सक्लूसिव नहीं होंगे। कंपनी अब अपने स्मार्टफोन स्नैपडील और अमेजॉन ई-स्टोरों पर भी बेचेगी। श्याओमी ने पिछले सालजुलाई में अपना पहला स्मार्टफोन भारत में लांच करते वक्त फ्लिपकार्ट के साथ गठजोड़ किया था। श्याओमी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में बताया है कि 8 अप्रैल से हम दो और चैनल पार्टनर जोड़ रहे हैं। अब स्नैपडील और अमेजॉन इंडिया पर भी हमारे उत्पाद खरीद सकते हैं। ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने के लिए श्याओमी ने रिटेल चेन द मोबाइल स्टोर के साथ भी गठजोड़ किया है। कंपनी ने दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के साथ भी भागीदारी की है। पोस्ट में कहा गया है कि इसका मतलब है कि अब आप अपना पसंदीदा उत्पाद फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और अमेजॉन इंडिया पर ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इसके अलावा अगर आप स्टोर में खरीदना चाहते हैं तो द मोबाइल स्टोर और एयरटेल हैं।

कोनिका मिनोल्टा की हुई मोनोटेक सिस्टम

प्रिंटर बनाने वाली जापानी कंपनी कोनिका मिनोल्टा की सहायक इकाई कोनिका मिनोल्टा बिजनेस सोल्यूशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने प्रिंटिंग बिजनेस करने वाली मोनोटेक सिस्टम को खरीद लिया है। यह अधिग्रहण 1 जून से प्रभावी माना जाएगा। मोनोटेक सिस्टम कोनिका मिनोल्टा के लिए डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम कर रही है। कोनिका मिनोल्टा के एमडी यूजी नकाता ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह नहीं बताया कि अधिग्रहण का यह सौदा कितनी रकम में तय हुआ है। मोनोटेक सिस्टम के एमडी टीपी जैन ने बताया कि बीते वित्त वर्ष में कंपनी ने 250 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। कोनिका मिनोल्टा भारत में 40 स्थानों से ग्राहकों को अपनी सेवा मुहैया कराएगी।

माइक्रोसॉफ्ट लांच किए दो नए स्मार्टफोन पेश

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने दो नए स्मार्टफोन लूमिया 640 एक्सएल और लूमिया 640 लांच किए हैं। इनमें से लूमिया 640 एक्सएल सभी बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध होगा, पर लूमिया 640 की सिर्फ फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन बिक्री की जाएगी। लूमिया 640 एक्सएलकी कीमत 15,799 रुपये और लूमिया 640 की कीमत 11,999 रुपये है। कंपनी लूमिया 640 एक्सएल और लूमिया640 की खरीदारी पर ग्राहकों को 3,299 रुपये का ऑफिस 365 पर्सनल का सब्स्क्रिप्शन 12 महीने के लिए बिल्कुल मुफ्त दे रही है। लूमिया  640 एक्सएल पर ग्राहकों को ऑनलाइन वैलेट मोबिक्विक के जरिए 1,000 रुपये मूल्य का रीचार्ज कैशबैक ऑफर दिया जा रहा ह। इसे पांच महीने तक न्यूनतम 200 रुपये प्रतिमाह के रीचार्ज पर भुनाया जा सकता है। स्मार्ट कैब सेवा ओला कैब्स ओला मनी रीचार्ज पर 800 रुपये मूल्य का कैशबैक ऑफर देगी जिससे ग्राहक 500 रुपये या इससे ज्यादा के पहले चार रीचार्ज पर प्रति रीचार्ज 200 रुपये की कैशबैक की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लूमिया 640 की पांच इंच डिस्प्ले स्क्रीन तो 640 एक्सएल की 5.7 इंच की डिस्प्ले स्क्रीन एचडी है। 640 में 8 मेगापिक्सल तो 640 एक्सएल में 13 मेगापिक्सल का कैमरा है। लूमिया 640 में 2500 एमएएच  तो लूमिया 640 एक्सएल में 3000 एमएएच की बैटरी है।

सेंसेक्स और निफ्टी को सेबी के दायरे में लाने की तैयारी

सेबी सेंसेक्स और निफ्टी समेत देश प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही वह सूचकांकों के नियमन के लिये अलग प्रणाली तैयार करने पर भी विचार कर रहा है। बीएसई के सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी जैसे देश के प्रमुख सूचकांक का संचालन करने वाली इंडेक्स सर्विसेज एंड
मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक देश के शेयर बाजारों में इक्विटी सूचकांकों का प्रबंधन अलग-अलग कंपनियोंया शेयर बाजारों की अनुषंगी इकाइयों द्वारा किया जाता है। यह कंपनियां सेबी के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं आतीं। इसीलिए सूचकांकों का आकलन, रखरखान तथा प्रबंधन आमतौर पर इंडेक्स प्रदाताओं के विवेक पर ही टिका होता है। इनके लिये कोई नियामकीय व्यवस्‍था फिलहाल मौजूद नहीं है। इसीलिए सेबी ने सूचकांकों के नियमन के लिए नई प्रणाली तैयार करने का फैसला किया है, जिसपर तेजी से काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांकों का प्रबंधन एनएसई समूह की कंपनी इंडिया इंडेक्स सर्विसेज एंड प्रोडक्ट लि. (आईआईएसएल) करती है। इसी तरह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांकों का प्रबंधन एशिया इंडेक्स प्राइवेट लि. करती है। इसमें शेयर बाजार तथा एसएंडपी डाउ जोंन्स इंडिसेस एलएसएल की 50-50 फीसदी भागीदारी है।
प्रोडक्ट लि. और एसएंडपी जैसी कंपनियां फिलहाल सेबी के नियामकीय दायरे से बाहर हैं। इसके चलते सूचकांकों के नियमन में काफी समय से कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें महसूस की जा रही थीं। नई व्यवस्‍था के तह सूचकांकों के संचालन और प्रबंधन को सेबी के नियंत्रण दायरे में लाने में तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही किसी कंपनी के शेयर को सूचकांक से निकालने या शामिल करने के नियमों में और स्पष्टता व अधिक खुलासों की शर्तें जोड़ कर इस प्रक्रिया में और पारदर्शिता लाई जाएगी।