Tuesday, April 7, 2015

युवराज सिंह की कंपनी यूवी कैन युवा उद्यमियों को देगी फायनेंस

टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बावजूद आईपीएल-8 के सबसे महंगे खिलाड़ी युवराज सिंह जल्द ही कारोबार के मैदान में भी पारी शुरू करने वाले हैं। युवराज युवा उद्यमियों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए फाइनेंस उपलब्‍ध कराएंगे। इसके लिए उन्होंने अपनी नई कंपनी यूवी कैन वेंचर्स शुरू की है। इस कंपनी के जरिए युवराज अलग-अलग सेक्टर्स में कई तरह के प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहे हैं । यूवी कैन वेंचर्स ने एक टीम बनाई है, जो कंपनी को शुरु करने वालों को तकनीकी, वित्तीय और बाजार से जुड़ी सहायता देगी। युवी के वेंचर की शुरुआत आईपीएल-8 के बाद होगी । युवराज की नई कंपनी की शुरुआत 50 करोड़ रुपये की पूंजी से की जा रही है। तीन से पांच साल में इसे 300 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। शुरुआती पूंजी के तौर पर 50 करोड़ रुपये युवराज अपनी कमाई से ही लगाएंगे। युवी का कहना है कि देश की युवा पीढ़ी बहुत प्रतिभावान है और वह अपनी कंपनी के माध्यम से उन्हें अपना उद्यम शुरू करने में मदद करेंगे।
गौरतलब है कि खेल देश के जगत में सबसे ज्यादा कमाई क्रिकेटरों की ही होती है। खेल के साथ विज्ञापनों से भी इनकी काफी मोटी कमाई होती है। ऐसे में क्रिकेटर कई तरह के कारोबारों से जुड़े हैं, पर वेंचर कैपिटल के कारोबार में उतरने वाले युवराज सिंह पहले खिलाड़ी हैं। भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपना अधिकतर ज्यादातर पैसा खेल से संबंधित कंपनियों में लगाया है। सचिन तेंदुलकर मुख्य रूप से रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े हैं, तो रॉबिन उथप्पा ने टिफिन सर्विस कंपनी में निवेश किया है। युवी की कंपनी जिन क्षेत्रों में निवेश करने जा रही है उनमें हेल्थकेयर, खेल का सामान, फैशन, टूरिज्म और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर शामिल हैं।

रिजर्व बैंक ने नहीं घटाई ब्याज दरें, कहा पहले बैंक सस्ता करें लोन

राहत अभी नहीं...
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी मौद्रिक समीक्षा के तहत ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने रेपो रेट को 7.5 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा है। साथ ही सीआरआर में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। दरों में कोई कटौती न होने से ईएमआई घटने होने की उम्‍मीदें खत्‍म हो गईं।
आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन का कहना है वह देखना चाहते हैं कि खाद्य मुद्रास्फीति पर हाल की बेमौसम बारिश का क्या आर्थिक असर सामने आता है। साथ ही वह यह भी चाहते हैं कि किसी नई कटौती से रेपो दर में रिजर्व बैंक द्वारा की गई पिछली कटौतियों का फायदा बैंक अपने ग्राहकों तक पहुंचाएं।
वित्त वर्ष 2015-16 की पहली ऋण एवं मौद्रिक नीति की समीक्षा में रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कोई बदालाव नहीं किया और यह चार प्रतिशत बना रहेगा। राजन ने कहा कि कर्ज की मांग कम होने और पहले ही दो बार नीतिगत दरों में कटौती किए जाने के बावजूद उसका कर्ज की दर पर असर अभी नहीं दिखा है। आरबीआई की पहल के बावजूद बैंकों ने लोन की दरें नहीं घटाई हैं। इसके अलावा आने वाले आंकड़ों से महंगाई के जोखिम संतुलन की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसलिए रिजर्व बैंक ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखी है।
गौरलतलब है कि राजन ने इससे पहले समीक्षा बैठकों से अलग जनवरी और मार्च में दो बार रेपो रेट में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर बाजार को चौंका दिया था। रेपो रेट में दो बार में हुई कुल आधे फीसदी की इस कटौती के बाद सिर्फ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर ने आधार दरों में 0.10-0.10 फीसदी की कटौती की है।
मौद्रिक समीक्षा में आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

Monday, April 6, 2015

दिल्ली-लंदन के लिए वर्जिन अटलांटिक की ड्रीमलाइनर फ्लाइट

वर्जिन अटलांटिक एयरलाइन ने दिल्ली से लंदन की उड़ान ड्रीमलाइनर के जरिए शुरू कर दी है। उड़ान के पहले दिन यात्रियों को विशेष 787 कपकेक और फर्स्ट फ्लाइट सेल्फी का मौका दिया गया। लंदन से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने पर इस विमान का स्वागत परंपरागत वाटरकैनन सैल्यूट के जरिए किया गया। ड्रीमलाइनर से लंदन के लिए दिल्ली से सेवा दैनिक है। लंदन से आगे के लिए इसमें कनेक्टिंग फ्लाइट के विकल्प हैं। यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए वर्जिन अटलांटिक करीब 30 करोड़ पाउंड का निवेश करेगी।

ल्यूमिनस ने लांच की डेकोरेटिव पंखे की रेंज

यूपीएस और इनवर्टर जैसे उत्पाद बनाने वाली ल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजी ने अपनी प्रोडक्ट रेंज का विस्तार करते हुए डेकोरेटिव पंखे के क्षेत्र में कदम रख दिया है। कंपनी ने इसमें ऐसे पंखे पेश किए हैं जिनमें एलईडी लाइटें लगी हैं। इन पंखों के साथ रिमोट भी दिया जा रहा है। इन डिजाइनर पंखों की कीमत 18,000 से 23,000 रुपये तक रखी गई है। यह पंखे घरेलू इस्तेमाल के अलावा व्यावसायिक स्थानों के लिए उपयुक्त हैं। भारत के बाजार में कंपनी ने बिल्कुल नई श्रेणी की पेशकश की है। कंपनी अफॉर्डेबल रेंज के डेकोरेटिव पंखे भी पेश करेगी जिसकी कीमत 7,000 रुपये होगी। कंपनी पावर सोल्यूशन जैसे कि होम यूपीएस, यूपीएस, बैटरी, बिजली के स्विच आदि के क्षेत्र में हैं। कंपनी की बहुलांश हिस्सेदारी जर्मनी की स्नाइडर इलेक्ट्रिक के पास है।

एयरटेल जीरो प्लेटफार्म पर मिलेंगे मुफ्त मोबाइल ऐप

 टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने ग्राहकों को कई तरह के मोबाइल ऐप मुफ्त में देने के लिए एयरटेल जीरो  प्लेटफार्म लांच किया है। इस प्लेटफार्म के जरिए ग्राहक बिना किसी डेटा शुल्क के ऐप्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। एयरटेल जीरो प्लेटफार्म पर मोबाइल ऐप बनाने वाले भी खुद को रजिस्टर करा कर ग्राहकों को अपने ऐप की मुफ्त सेवा दे सकते हैं।
एयरटेल के मुताबिक ऐप विकसित करने वाली बड़ी और छोटी दोनों ही तरह की कंपनियां एयरटेल जीरो प्लेटफार्म पर आकर अपने ऐप की मुफ्त सेवा ग्राहकों को दे सकती है। भारती एयरटेल के निदेशक (कंज्यूमर बिजनेस) एस. गोपालन के मुताबिक एयरटेल जीरो के माध्यम से लाखों छोटी कंपनियां उपभोक्ताओं तक पहुंच सकती हैं जिससे सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने ऐप विकसित करने वाली सभी कंपनियों को एयरटेल जीरो पर पंजीयन कराने के लिए कहा है ताकि वे एयरटेल के 20 करोड़ ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना सके। 

छोटी-मझोली कंपनियों को लोन देगा मुद्रा बैंक

छोटे एवं मंझोले उपक्रमों को आसानी से लोन देने के लिए सरकार 20,000 करोड़ रुपये के माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा बैंक) की स्थापना कर रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया किप्रधानमंत्री के हाथों इस बैंक की शुरुआत होगी। इस बैंक से छोटे कारोबारियों को आसानी से कर्ज मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 के बजट में मुद्रा बैंक के स्थापना की घोषणा की गई थी।
इस बैंक की स्थापना को वित्त मंत्रालय की तरफ से कितना तवज्जो दिया जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि पिछले दिनों ही बैंकिंग सचिव हसमुख अधिया ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया था। इसके तहत वैसे कारोबारियों को लोन देने की योजना बनायी गई है, जिन्हें इस समय कोई वित्त पोषण करने के लिए तैयार नहीं होता है। इन्हें अब मुद्रा बैंक की तरफ से उत्पादन, उसकी बिक्री एवं इससे संबंधित अन्य सेवाओं के लिए रिफाइनेंसिंग की सुविधा भी मिल सकेगी। इस क्षेत्र के लिए मुद्रा बैंक नियामक की भूमिका का भी निर्वहन करेगा।
मंत्रालय के मुताबिक इस बैंक की प्राथमिक जिम्मेदारी लघु-सूक्ष्म क्षेत्र के लिए नीतियां तय करना, उनका पंजीकरण, नियमन और रेटिंग करने की भी होगी। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक मुद्रा बैंक को 20,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी कॉर्पस के लिए भी बैंक को बजट से 3,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

कस्टमर सैटिसफैक्शन इंडेक्स में जेके टायर आगे

जेके टायर ने जेडी पॉवर 2015 इंडिया ओरिजनल इक्विपमेंट टायर कस्टमर सैटिसफैक्शन इंडेक्स में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं। जेके टायर को सालाना आधार पर किए जाने वाले टीसीएसआई अध्ययन में सबसे अधिक 881 अंक मिले हैं।
जेडी पॉवर 2015 इंडिया ओरिजनल इक्विपमेंट टायर कस्टमर सैटिसफैक्शन इंडेक्स स्टडी में 4000 से अधिक कार मालिकों की राय शामिल की गई। इनमें खासकर नई कारों के मालिक शामिल थे, जिन्होंने अपनी कार मई 2012 से अगस्त 2013 के बीच खरीदी है। सर्वे में जेके टायर को 881 अंकों के साथ कस्टमर सैटिसफैक्शन में सर्वाधिक अंक मिले हैं।
 कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. रघुपति सिंघानिया ने बताया कि जेके टायर के इस प्रदर्शन के पीछे का मुख्य कारण इसकी बनावट (टायर डिजाइन और स्टाइलिंग) है, जिसमें इसे 881 अंक मिले और राइड (क्वालिटी और हैंडलिंग) में इसे 886 प्वाइंट मिले। उन्होंने कहा कि क्वालिटी हमारे ब्रांड प्रॉमिस का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इस प्रतिबद्धता के द्वारा हमारे ग्राहकों को उच्च क्वालिटी के उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने का हमारा फोकस मजबूत होता है। यह अवार्ड जेके टायर के निरंतर प्रोडक्ट इनोवेशन और भारतीय सड़कों की इसकी समझ को प्रदर्शित करता है। जेडी पॉवर स्टडी के अनुसार भारत में पिछले पांच सालों में टायरों को लेकर ग्राहकों की शिकायतें काफी कम हो गई हैं। यह टायरों की क्वालिटी में सुधार को दर्शाता है।