ब्रिटेन
आखिरकार कई साल पुरानी यूरोपियन यूनियन अलग हो गया। ऐसे जहन में यह सवाल सहज ही
उठता है कि वह आखिर उस संगठन से अलग क्यों
हो गया, जिसके संस्थापकों में वह खुद शामिल था।
दरअसल
ब्रिटेन की जनता के इस फैसले की कई वजहें हैं माना जाता रहा है कि ईयू के नियमों की
वजह से ब्रिटेन कई मामलों में पीछे रह गया था। ईयू ने व्यापार से जुड़े कई सख्त
नियम खड़े कर दिए थे और कई करोड़ पाउंड की सालाना सदस्यता फीस देने के बदले
ब्रिटेन को कुछ ख़ास हासिल नहीं हो रहा था।
ब्रिटेन
के लिए ईयू छोड़ने की एक वजह यह भी थी कि वह अपनी सीमाओं पर पूरी तरह अपना अधिकार
चाहता था। साथ ही वह अपने देश में बाहर से आकर काम करने वाले लोगों की संख्या भी
कम करना चाहता था।
ईयू के तहत सदस्य-देशों की जनता के एक से दूसरे देश में आने
जाने पर कोई रोक नहीं लगा सकता। फैसले से लगता है कि ब्रिटेन की जनता इस विचार से
बहुत खुश नहीं है और वह चाहती है कि जीवन-यापन के लिए बाहर से आए लोगों की संख्या
कम से कम हो सके।

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