Wednesday, June 17, 2015

भारत-पोलैंड व्यापार 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

आपसी कारोबार को बढ़ाने के लिए भारत और पोलैंड ने 5 अरब डॉलर का महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य तय किया है। 15 जून को वारसा में आयोजित आर्थिक सहयोग पर द्विपक्षीय संयुक्त आयोग के चौथे सत्र में यह लक्ष्य तय किया गया।

औद्योगिक नीति तथा संवर्द्धन विभाग के सचिव अमिताभ कांत तथा पोलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री जर्जी पिट्रीविच की सह अध्यक्षता वाले आयोग ने निवेश बढा़ने तथा कारोबार 2014 के 2-3 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2018 तक 5 अरब डॉलर करने का रोडमैप तैयार किया।

 पिट्रीविच ने कहा कि जनवरी 2015 में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री पी की भारत यात्रा तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उनकी मुलाकात से दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के प्रयास को बल मिला है। कांत ने पोलैंड के निवेशकों को मेक इन इंडिया तथा स्मार्ट सिटी जैसे कार्यक्त्रस्मों पर विचार करने तथा भारत में निवेश के सुधरे हुए माहौल का लाभ उठाने के लिए का आमंत्रण दिया।

एडीबी भारत को देगा 50 फीसदी ज्यादा सहायता

भारत में आर्थिक विकास की दिशा में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यों के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की ओर से अब सहायता राशि मिलेगी। बैंक ने कहा है कि वह भारत को दी जा रही सहायता को अगले तीन साल में करीब 50 फीसदी तक बढ़ा देगा।

एडीबी के अध्यक्ष टाकेहीको नकाओ ने मंगलवार को यहां केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि वह अगले तीन साल में भारत की सहायता राशि को बढ़ा कर 12 अरब डॉलर तक करने जा रहा है।

इस समय एडीबी की तरफ से भारत को नॉन सॉवरेन लेंडिंग 7 अरब डॉलर है, इसे 2017  तक बढ़ाकर 9 अरब डॉलर किया जाएगा। इसके बाद 2018 तक यह आंकड़ा 12 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। एशियन डेवलेपमेंट फंड लेंडिंग ऑपरेशन के इसके ऑर्डीनरी कैपिटल रिसोर्सेस बैलेंस शीट के साथ विलय होने पर एडीबी की वर्तमान 13 अरब डॉलर सालाना लेंडिंग क्षमता बढ़कर 20 अरब डॉलर सालाना होने की उम्मीद है।

एडीबी की मार्च में प्रकाशित भारत के लिए ताजा आर्थिक अनुमान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2014-15 में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 7.8 फीसदी रहेगी और यह वित्त वर्ष 2015-16 में बढ़कर 8.2 फीसदी हो जाएगी। महंगाई में कमी आना और चालू खाता घाटा कम होने के साथ ही साथ कुछ प्रमुख क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने की वजह से ऐसे अनुमान लगाए गए हैं।

नए मोबाइल गेम में रोनाल्डो ने ह्यूगो से मिलाया हाथ

फुटबाल की दुनिया के सुपर स्टार क्रिस्टियानो  रोनाल्डो ह्यूगो सुपरस्टार स्केटर्स में गठजोड़ किया है। यह  एक नया एक्शन से भरा एडवेंचर अब  मोबाइल फोन और टैबलेट और एंड्रॉयड और एप्पल आईओएस पर उपलब्ध है।  इस गेमिंग सेशन में बाधाओं से बचने की जरूरत होती है। स्केटबोर्ड को इस्तेमाल किया जाता है और सिक्कों को एकत्र किया जाता है।

 फेम और ग्लोरी के लिए ज्यादा प्लेयर्स वर्ल्ड वाइड लीडरबोर्ड्स में शामिल होते हैं तो हाई स्कोर हासिल करना कठिन हो जाता है। रोनाल्डो एंड ह्यूगो सुपरस्टार स्केटर्स खेलने के लिए आसान और छोटी और लंबी अवधि के गेमिंग सेशंस के लिए सटीक है। ह्यूगो गेम्स  के सीईओ और संस्थापक हेनरिक कोले ने कहा कि हमने ह्यूगो द ट्राल की बदौलत पहले मोबाइल गेम्स का 2.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हासिल किया है।

हमे इस बात में संदेह नहीं है कि ह्यगो द ट्राल में दुनिया का सबसे बड़ा गेमिंग कैरेक्टर बनने की क्षमता है। खास कर तब जब क्रिस्टियानो रोनाल्डो हमारे साथ हैं। ह्यगो गेम्स को दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स स्टार के साथ गठबंधन करने की घोषणा करने को लेकर गर्व है। 

क्रिस्टियानो अपने व्यक्तित्व और ताकत के साथ पूरी दुनिया में चाहे जाने वाले इंटरनेशनल आइकन हैं। हमने अपने गठबंधन के जरिए क्रिस्टियानो के शानदार व्यक्तित्व का अनुभव किया है। संक्षेप में कहें तो क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ काम करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। नया एक्शन एडवेंचर सोमवार से गूगल प्ले और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।

आप रोनोल्डो एंड ह्यूगो: सुपरस्टार स्केटर्स यहां एड्रायड, आईफोन और आईपैड पर पा सकते हैं। इसके अलावा आप फोटो लोगो और स्क्रीन शाट्स असेट भी पा सकते हैं। यहां रोनाल्डो इंटरव्यू, न्यूज वीडियो, न्यूज वीडियो भी उपलब्ध है।

काम में देरी के चलते रद्द हुई 22 सेज की मंजूरी

विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के काम में देरी करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय की सेज मंजूरी समिति ने 22 सेज की औपचारिक मंजूरी को रद्द कर दिया। मंत्रालय इन 22 सेज के डेवलपर्स के रवैये से संतुष्ट नहीं था। इनमें से कई सेज ऐसे हैं, जिन्हें आठ-नौ साल पहले मंजूरी दी गई, लेकिन उनका अब तक विकास नहीं हो पाया था। अधिकतर सेज आईटी व आईटीईएस क्षेत्र के हैं।

मंत्रालय के मुताबिक जिन 22 सेज की औपचारिक मंजूरी को रद्द किया गाय है, उनमें सात सेज हरियाणा के हैं तो चार सेज उत्तर प्रदेश में थे। इन सभी सेज को वर्ष 2007-2010 के बीच में मंजूरी दी गई थी। हरियाणा के जिन सेज को रद्द किया गया है उनमें आईटी व आईटीएस क्षेत्र के सोहना स्थ्ति प्रोग्रेसिव बिल्डएस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के सेज, गुड़गांव स्थित जीएचआई फिनलीज एंड इंवेस्टमेंट लिमिटेड के सेज, सजवाइज प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के सेज, मोहन इंवेस्टमेंट एंड प्रोपर्टीज के सेज, सोहना बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के सेज रोज व्यू प्रोमोटर्स के सेज शामिल हैं।

 वहीं उत्तर प्रदेश के सेज में ग्रेटर नोएडा स्थित आरसी इंफोसिस्टम के सेज, नोएडा स्थित आईवीआर प्राइम आईटी सेज, ग्रेटर नोएडा के उप्पल हाउसिंग के सेज तो नोएडा स्थित सर्वमंगल रियल टेक के सेज शामिल हैं। रद्द होने वाले सेज में हरियाणा व उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश के सेज भी शामिल हैं। इनमें से दो-तीन सेज को वर्ष 2006 में मंजूरी दी गई थी। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक इन सेज को विकसित करने में डेवलपर्स की तरफ से उठाए गए कदम से मंत्रालय बिल्कुल संतुष्ट नहीं था।

 सूत्रों केमुताबिक सेज की मंजूरी को रद्द करने केफैसले से सरकार उन सभी सेज डेवलपर्स को यह संदेश देना चाहती है कि जल्द से जल्द सेज विकास के प्रयास में तेजी नहीं लाने पर उनके सेज की मंजूरी को भी रद्द कर दिया जाएगी। जिन सेज की मंजूरी को रद्द किया गया है, उनके इलाके विकास आयुक्त इस बात की जांच करेंगे कि कहीं इनमें से कोई डेवलपर सेज के तहत मिलने वाला सरकारी लाभ तो नहीं लिया है और अगर लिया है तो उस डेवलपर को वह लाभ लौटाना पड़ेगा।

Tuesday, June 16, 2015

22.5 फीसदी की दर से बढ़ रहा है पैकेज्ड फूड का कारोबार

पैकेज्ड फूड का कारोबार देश में पिछले पांच वर्ष में सालाना 22.5 फीसदी की दर से बढ़ा है और वर्ष 2017 तक इस बढ़ोतरी की दर 32 फीसदी तक पहुंच जाने की उम्मीद है। यह अनुमान औद्योगिक संगठन एसोचैम की एक रिपोर्ट में जताया गया है। सर्वे के मुताबिक देश में इस वक्त पैकेज्ड फूड का कारोबार करीब 1,920 अरब रुपये (30 अरब डॉलर) का है, जो 2017 तक बढ़कर 3,200.5 अरब रुपये (50 अरब डॉलर) तक पहुंच सकता है।

रिपोर्ट में लोगों की आय में बढ़ोतरी और जीवन स्तर में सुधार होने के साथ ही पैकेज्ड फूड पर लोगों के बढ़ते भरोसे को इसकी मुख्य वजह बताया गया है।  सर्वे में बताया गया है कि पति-पत्नी दोनों के ही काम करने पर करीब 76 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों को महीने में 10 से 12 बार पैकेज्ड फूड परोसना पसंद कर रहे हैं। पैकेज्ड फूड का इस्तेमाल वह काम के बढ़ते दबाव व व्यस्तता के चलते जीवन को सरल बनाने के लिहाज से करते हैं।

सर्वे रिपोर्ट जारी करते हुए एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने बताया कि पैकेज्ड फूड का इस्तेमाल देश के शहरी इलाकों में खासतौर पर मेट्रो शहरों में काफी तेजी स बढ़ रहा है। ऐसा वहां की तेज रफ्तार जिंदगी के चलते देखने को मिल रहा है। एसोचैम की स्वास्थ्य संबंधी कमेटी द्वारा किए गए इस सर्वे में 2,200 परिवारों की राय ली गई है। इनमें बच्चों और बिना बच्चों के परिवार, एकल परिवार और अकेले रहने वाले लोग भी शामिल हैं।

सर्वे के तहत जिन शहरों में लोगों से राय ली गई उनमें मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, कोचीन, चेन्नई, हैदराबाद, इंदौर, पटना, पुणे, चंडीगढ़ और देहरादून शामिल हैं। सर्वे में सभी शहरों में पैकेज्ड फूड के चलन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सर्वे में शहरों के साथ ही अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस चलन में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

शहरी क्षेत्रों में जहां बढ़ोतरी की दर 80 फीसदी के करीब रही, वहीं कस्बों में यह 40 फीसदी से ऊपर और गांवों में करीब 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि पैकेज्ड फूड के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। एसोचैम की हेल्थ कमेटी काउंसिल के चेयरमैन डा. बीके राव का कहना है कि पैकेज्ड फूड में आमतौर पर काफी मात्रा में नमक मौजूद होता है। यह सेहत की दृष्टि ठीक नहीं है क्योंकि ज्यादा नमक खाने से रक्त चाप बढ़ सकता है।

इसके अलावा ऐसे उत्पादों में ट्रांस फैट भी काफी मात्रा में होता है। सेहत के लिए यह संतृप्त वसा से भी ज्यादा नुकसानदायक होता है क्योंकि यह गुड कैलेस्ट्रॉल को घटाता और बैड कैलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।

नेस्ले नष्ट करेगी देश भर में मैगी हटाने का पूरा स्टॉक

बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले के उत्पाद मैगी नूडल्स पर कई राज्यों द्वारा प्रतिबंध लगाने के बीच कंपनी ने देश भर की दुकानों से इसे वापस लेने की घोषणा की। हालांकि कंपनी ने कहा है कि उनके उत्पाद में कोई गड़बड़ी नहीं है बल्कि ग्राहकों में असमंजस की स्थिति नहीं रहे, इसके लिए ऐसा कर रहे हैं।

नेस्ले के ग्लोबल सीईओ पॉल बल्के ने यहां शुक्रवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि भारत में मैगी पर जो विवाद हो रहा है, उससे ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति है। ग्राहकों का विश्वास इस उत्पाद पर बना रहे, इसके लिए देश भर में इसकी बिक्री रोकने का निर्णय लिया गया।

जब उनसे पूछा गया कि मैगी में लेड या एमएसजी की कितनी मात्रा है तो उन्होंने बताया कि इसमें इन रसायनों की उपस्थिति शून्य है और उनका उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित है। उनका कहना है कि वह मैगी में अलग से इस तरह का कोई रसायन नहीं मिलाते। कंपनी ने मैगी के 1000 बैच में से सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच करायी है और सारे सैंपल सुरक्षित पाये गए।

उनसे जब यह पूछा गया कि विभिन्न राज्यों ने जो सैंपल जांच करायी, उसमें प्रयोगशाला की रिपोर्ट गलत है, इस पर उनका कहना था कि नेस्ले को यह नहीं पता कि उन प्रयोगशालाओं ने जांच के दौरान क्या प्रक्रिया अपनायी। लेकिन इतना तय है कि उनका उत्पाद सुरक्षित है। पॉल बल्के ने बताया जब यह विवाद थम जाएगा तो वह फिर से मैगी का उत्पादन शुरू करेंगे। उसके बाद जो उत्पाद बाजार में आएगा, उसमें लिखा होगा ‘नो एमएसजी’।

इस बीच खाद्य क्षेत्र में केन्द्रीय नियामक एफएसएसएआई ने मैगी टू मिनट नूडल्स को मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए ‘असुरक्षित एवं खतरनाक’ बताते हुए इसका उत्पादन, आयात और बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने और उत्पाद को वापस मंगाने का निर्देश दिया है।  यही नहीं एजेंसी ने कहा है कि नेस्ले ने ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’  को बिना प्रोडक्ट अप्रूवल लिये बाजार में उतार दिया है। इसके लिए अभी तक रिस्क और सेफ्टी असेसमेंट हुआ ही नहीं है। 

एफएसएसएआई ने कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस भी भेजा है कि उसके सभी नौ उत्पादों को दिए गए प्रोडक्ट अप्रूवल को क्यों नहीं वापस ले लिया जाए। नेस्ले को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एजेंसी के मुताबिक नेस्ले ने मैगी ओट्स मसाला नूडल्स  के लिए पिछले जुलाई में प्रोडक्ट अप्रूवल का आवेदन दिया था। इस पर कुछ स्पष्टीकरण मांगा गया था और यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। तब भी कंपनी ने इसे बाजार में उतार दिया ।

डिस्कवरी चैनल योग दिवस पर दिखाएगा द स्टोरी ऑफ योगा

डिस्कवरी चैनल पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग पर खास कार्यक्रम ‘द स्टोरी ऑफ योगा’ प्रसारित करने जा रहा है। 21 जून को रात 9 बजे प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम में योग के जरिए शरीर, मन और आत्मा को एकाकार करने पर विस्तृत जानकारी दर्शकों को दी जाएगी। इसमें योग की उत्पत्ति से लेकर उसकी अबतक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। यह कार्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु और बांग्ला भाषा में दिखाया जाएगा।

एक घंटे के इस कार्यक्रम में योग के उद्भव, उद्विकास, आध्यात्मिता, योग के रहस्यों और उसके सांस्कृतिक पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग के भारत से निकल कर पश्चिमी जगत में पहुंचने और वहां के आधुनिकतावादी समाज में इस पारंपरिक विधा के लोकप्रिय होने की कहानी भी दिखाई जाएगी।

डिस्कवरी नेटवर्क एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ईवीपी व जीएम दक्षिण एशिया राहुल जौहरी ने बताया कि ‘द स्टोरी ऑफ योगा’ कार्यक्रम में योग की प्राचीनता से लेकर आधुनिक जीवन शैली के साथ इसके समन्वय तक को सम्मिलित करते हुए इस विषय पर गहरी और व्यापक जानकारी दर्शकों को मुहैया कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि योग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई पहल के साथ जुड़कर हम खासे उत्साहित हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका रही है। योग को एक जनआंदोलन में परिवर्तित करके इसे दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने को लेकर उनके उत्साह और पहल का हम सम्मान करते हैं।

गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान साल में एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाए जाने की अपील की थी। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। इस साल पहली बार दुनिया में इसे मनाया जाएगा।

कार्यक्रम में योग के परंपरागत दृष्टि कोण के साथ इसकी अनूठी शैलियों को भी पेश किया जाएगा। इसके साथ ही इसमें योग सिखाने वाले नई पीढ़ी के गुरुओं-प्रशिक्षकों और संस्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इनमें पुणे स्थित आयंगर स्कूल, मुंगेर का बिहार स्कूल ऑफ योग, पांडिचेरी का आंतरिक योग संस्थान, ऋषिकेश का शिवानंद आश्रम शामिल है। कार्यक्रम में इन योगपीठों में योग की ऐसी तकनीकों और दर्शन को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे आमतौर पर लोग परिचित नहीं हैं।