Wednesday, June 24, 2015

बेहतर उच्च शिक्षा के लिए हर साल 6.8 लाख छात्र जा रहे विदेश

अच्छी उच्च शिक्षा की सुविधाओं वाले संस्थानों की कमी और अच्छे शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते हर साल 6.8 लाख छात्र विदेशी शिक्षा संस्थानों की ओर रुख कर रहे हैं। यह बात उद्योग संगठन एसोचैम की एक ताजा रिपोर्ट में कही गई है।

एसोचैम की ओर से ‘स्किलिंग इंडिया : एंपावरिंग इडियन यूथ थ्रू वर्ल्ड क्लास एजुकेशन’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि  छात्रों के विदेश जाने के चलते आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू उच्च संस्थानों को सालाना करीब 50 हजार करोड़ रुपये की रकम से हाथ धोना पड़ रहा है। यह वह राशि है, जो विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्र वहां के संस्थानों को देते हैं।

बेहतर भविष्य और सुनहरे कैरियर की संभावनाओं को देखते हुए हर साल बड़ी संख्या में छात्र इन विदेशी संस्थानों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अच्छी शिक्षा की तलाश में छात्र सिंगापुर, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, डेनमार्क, स्वीडेन, आयरलैंड, नार्वे और कनाडा की ओर रुख कर रहे हैं। गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह नई जगहों पर जाने में भी नहीं हिचक रहे हैं और ऐसा करने वाले छात्रों की तादात में इस साल 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि विदेश में पढ़ाई अब केवल अमीर घरों के बच्चों तक सीमित नहीं रह गई है। आजकल मध्य वर्ग के परिवार भी अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने में पीछे नहीं हैं। इसके लिए वह अपनी जीवन भर की बचत की राशि भी खर्च कर दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2013 में देश से 2.9 लाख छात्र पढ़ाई के लिए विदेश गए। इस साल यह संख्या बढ़कर 6.8 लाख तक पहुंच जाने की उम्मीद है। इसकी वजह विदेशी संस्थानों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध होना और कैरियर में बेहतर संभावनाओं के द्वार खुलना है। इसके अलावा विदेशी जीवन शैली से प्रभावित होकर भी छात्र इन देशों की ओर रुख कर रहे हैं।
एसोचैम के महा सचिव डीएस रावत का कहना है कि देश में अच्छी गुणवत्ता वाली उच्च शिक्षा देने वाले संस्थान बहुत कम हैं। ऐसे में इन संस्थानों में दाखिला पाने के प्रतिस्पर्धा लगातार कठिन होती जा रही है। साल दर साल लगातार बढ़ता जा रहा यह कंपटीशन भी छात्रों का पढ़ाई के लिए विदेश जाने की एक अहम वजह बन रहा है।

मोबाइल फोन कंपनी माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड ने एक कनेक्टेड मोबाइल सर्विस इकोसिस्टम तैयार करने के लिए मंगलवार को मोबाइल ट्रैवेल सर्च और बाजार इक्सिगो में निवेश की घोषणा की। इक्सिगो एप्लीकेशन भारतीय पर्यटकों को यात्रा की योजना तैयार करने में, सबसे अच्छी बस सेवा हासिल करने, सबसे सस्ती उड़ानें, कैब, होटल और भी बहुत कुछ पाने में मदद करता है।

अपने सस्ते और अनोखे उत्पादों से ग्राहकों को लुभाकर तकनीक को सभी के लिए उपलब्ध करा चुके माइक्रोमैक्स के इस निवेश के बाद के एप्लीकेशन सेवाओं के क्षेत्र में कदम रखने का रास्ता साफ  हो जाएगा। इस निवेश की मदद से इक्सिगो को 18 महीने के भीतर 3 करोड़ ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

इस निवेश के बारे में माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य अनोखी और नई सेवाओं को स्मार्ट डिवाइसों से जोड़कर इकोसिस्टम तैयार करना है। हम उनके साथ मिलकर माइक्रोमैक्स के ग्राहकों के लिए मांग के मुताबिक वन-क्लिक यात्रा का अनुभव मुहैया कराने के बारे में विचार कर रहे हैं। माइक्रोमैक्स ने पिछले महीने ही यह घोषणा की थी कि वह आने वाले साल में 20 से भी अधिक स्टार्ट-अप में 5 लाख से 2 करोड़ डॉलर तक का निवेश करेगी।

माइक्रोमैक्स ने इक्सिगो में किया निवेश

मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड ने एक कनेक्टेड मोबाइल सर्विस इकोसिस्टम तैयार करने के लिए मंगलवार को मोबाइल ट्रैवेल सर्च और बाजार इक्सिगो में निवेश की घोषणा की। इक्सिगो एप्लीकेशन भारतीय पर्यटकों को यात्रा की योजना तैयार करने में, सबसे अच्छी बस सेवा हासिल करने, सबसे सस्ती उड़ानें, कैब, होटल और भी बहुत कुछ पाने में मदद करता है।

अपने सस्ते और अनोखे उत्पादों से ग्राहकों को लुभाकर तकनीक को सभी के लिए उपलब्ध करा चुके माइक्रोमैक्स के इस निवेश के बाद के एप्लीकेशन सेवाओं के क्षेत्र में कदम रखने का रास्ता साफ  हो जाएगा। इस निवेश की मदद से इक्सिगो को 18 महीने के भीतर 3 करोड़ ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

इस निवेश के बारे में माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य अनोखी और नई सेवाओं को स्मार्ट डिवाइसों से जोड़कर इकोसिस्टम तैयार करना है। हम उनके साथ मिलकर माइक्रोमैक्स के ग्राहकों के लिए मांग के मुताबिक वन-क्लिक यात्रा का अनुभव मुहैया कराने के बारे में विचार कर रहे हैं। माइक्रोमैक्स ने पिछले महीने ही यह घोषणा की थी कि वह आने वाले साल में 20 से भी अधिक स्टार्ट-अप में 5 लाख से 2 करोड़ डॉलर तक का निवेश करेगी।

Tuesday, June 23, 2015

फेडरल बैंक ने लांच किया नया मोबाइल ऐप


फेडरल बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन फेड मोबाइल का नया संस्करण लांच किया है। नए वर्जन में मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया गया है। इसके साथ ही इसमें ग्राहकों को कुछ नई सहूलियतें भी दी गई हैं।

नए ऐप को तेजी से लोकप्रिय बनाने के लिए बैंक ने ग्राहकों को इससे किए जाने वाले 100 रुपये या उससे अधिक के पहले ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये का कैशबैक देने की भी घोषणा की है। यह ऑफर 31 जुलाई तक चलेगा। ऐप को बैंक की ई पासबुक सुविधा फेडबुक के साथ भी जोड़ा गया है, जिससे ग्राहक अब मोबाइल के जरिए ही अपनी पासबुक देख सकेंगे।

ब्याज दर में कटौती से कारोबारी धारणा हुई मजबूत

 सूचीबद्ध कंपनियों के उत्पादन के स्तर, घरेलू और निर्यात ऑर्डर में इस महीने बड़े पैमाने पर सुधार दर्ज किया गया है। ड्यूटसे बोर्से का एमएनआई इंडिया बिजनेस सेंटीमेंट इंडीकेटर मई के 62.3 से 7.7 फीसदी तक बढ़ कर जून में 67.1 पर आ गया है। सर्वे में कहा गया है कि जून के कारोबारी सर्वे एक संकेत मिलता है कि कुल मिला कर धारणा में गिरावट अपने निचने स्तर से बाहर निकल चुकी है।

एमएनआई इंडीकेटर्स के चीफ इकनॉमिस्ट फिलिप उगलो ने कहा कि एक माह के आंकड़ो में बहुत कुछ निष्कर्ष निकालना समझदारी नहीं होगी लेकिन जून के सर्वे की चमक यह शुरुआती संकेत मुहैया कराती है कि धारणा में गिरावट का ट्रेड अब पूरा हो चुका है। पिछले वर्ष सितंबर में धारणा में गिरावट अपने चरम पर थी।

रिपोर्ट के अनुसार ऐसा लगता है कि जून में ब्याज दरों में कटौती ने कारोबारी विश्वास बढ़ाने में योगदान दिया है। इसके अलावा रुपये की कीमत में गिरावट ने निर्यात आर्डर के मोर्चे पर मदद की है। उगलो ने कहा कि रुपये की कीमत में गिरावट से निर्यातकों को फायदा हुआ है और श्रमिकों की मांग वर्ष के उच्चतम स्तर पर है। 2 जून को रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी तक कटौती की थी। आरबीआई ने इस वर्ष तीसरी बार दरों में कटौती है। आरबीआई ने निवेश और ग्रोथ में तेजी लाने के लिए यह कदम उठाया था। साथ ही बैंक ने यह संकेत भी दिया था निकट भविष्य में अब और कटौती नहीं होगी।

Monday, June 22, 2015

केबल टीवी प्रसारण के क्षेत्र में रिलायंस जियो ने बढ़ाया कदम

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस इडस्ट्रीज समूह की कंपनी रिलायंस जियो को सरकार की तरफ से डिजिटल केबल टीवी के मल्टी सर्विस ऑपरेटर (एमएसओ) के रूप में काम करने के लिए अस्थायी रजिस्ट्रेशन मिल गया है। इससे अब वह देश भर में एमएसओ के रूप में काम कर सकेगी। यह पंजीकरण सूचना व प्रसारण मंत्रालय की तरफ से दिया गया है। सरकार की तरफ से इस इजाजत के बाद रिलायंस जियो को अपनी मीडिया सामग्री को केबल ऑपरेटर्स या लोगों तक भेजने के लिए किसी ऑपरेटर का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। रिलायंस जियो जल्द ही देश भर में 4जी सेवा की भी शुरुआत करने जा रही है।

एमएसओ उस केबल ऑपरेटर को कहते है जो प्रसारणकर्ता से प्रोग्रामिंग सेवा प्राप्त करता है और उसे एक साथ कई जगहों पर प्रसारित करता है या एक या दो केबल ऑपरेटर को यह प्रसारण भेजता है। एमएसओ बनने की सरकार की इस अनुमति के बाद रिलायंस जियो हेथवे, सिटी केबल नेटवर्क, आईएमसीएल व डीईएन नेटवर्क को चुनौती देने लगेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज रिलायंस जियो को एक ऐसे ब्रांड के रूप में स्थापित करने की कोशिश में लगी है जो एक साथ टेलीकॉम, हाई स्पीड डेटा, ई-कॉमर्स, मीडिया व भुगतान सेवा देने में सक्षम हो।

रिलायंस पहले ही नेटवर्क-18 मीडिया हाउस का अधिग्रहण कर चुकी है, जिसके पास 17 समाचार चैनल हैं और आठ भाषा में 14 मनोरंजन के चैनल है। वर्ष 2017-18 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिलायंस जियो को टीवी व मोबाइल सामग्री का एकीकृत सेट बनाने का लक्ष्य रखा है। 4जी सेवा की शुरुआत के बाद मोबाइल पर वीडियो देखने में वही मजा आएगा, जो टेलीविजन सेट पर किसी वीडियो को देखने में आता है।

यूपी में खुली हार्ले डेविडसन की पहली डीलरशिप

हार्ले डेविडसन इंडिया ने उत्तर प्रदेश में अपनी पहली स्वतंत्र डीलरशिप खोल दी है। यह डीलरशिप लखनऊ के गोमती नगर में स्थित है। यूनाइटेड हार्ले डेविडसन ग्राहकों को ब्रांड के मोटरसायकिल, राइडिंग गियर, अपैरल और एक्सेसरीज तक पहुंच सुनिश्चित करती है। इसके साथ पूरे भारत में अब 18 स्वतंत्र हार्ले डेविडसन डीलरशिप सुविधाएं हैं।

कंपनी के डायरेक्टर सेल्स और डीलर डेवलपमेंट राजीव वोहरा लांच पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम यूनाइटेड हार्ले डेविडसन को उनकी नई हार्ली डेविडसन फैसिलिटी पर बधाई देते हैं। पिछले पांच वर्षों में भारत में हमारा डीलर नेटवर्क लगातार बढ़ा है और देश भर में हजारों ओनर्स और शौकीनों को स्वागत किया है। यूनाइटेड हार्ले डेविडसन उत्तर प्रदेश में मोटरसाइकिल के सभी शौकीनों के लिए सही स्थल पर सेवाएं मुहैया कराएगी। यह खास कर ऐसे ग्राहकों के लिए है, जो प्रीमियम लाइफ स्टाइल का अनुभव करने की इच्छा रखते हैं और हार्ले डेविडसन इसके लिए दुनिया भर में जानी जाती है।  ग्राहकों और शौकीनों की ओर से मिला शानदार रिस्पांस कंपनी के ग्रोथ प्लान के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में उतरेगा हीरो ग्रुप

हीरो ग्रुप ने सोमवार को देश में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कदम रखते हुए एक नई कंपनी हीरो इलेक्ट्रॉनिक्स की शुरुआत की। कंपनी के मुताबिक उसका यह निर्णय सरकार के मेन इन इंडिया अभियान से प्रेरित है और और इसके जरिए वह मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में और अधिक विकास में योगदान देना चाहती है।

हीरो इलेक्ट्रॉनिक्स देश में सेट टॉप बाक्स की सबसे बड़ी परिचालक कंपनी माइबॉक्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकांश हिस्से का अधिग्रहण करेगी। माइबॉक्स भारत में बड़े डीटीएच ओर केबल ऑपरेटरों की अग्रणी सप्लायर है। ठोस अनुसंधान और विकास क्षमताओं के साथ माईबॉक्स भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और डीएसआईआर द्वारा स्वीकृत एक उपक्रम है। यह स्वदेशी सेट टॉप बॉक्स के संपूर्ण डिजाइन में संलग्न बहुत थोड़ी कंपनियों में से एक है।

उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की दीर्घकालीन विरासत के अनुरूप, हीरो का लक्ष्य मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने में मदद के लिए मजबूत इन हाउस क्षमताओं का निर्माण करके इस उपक्रम के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आगे बढ़ना है। 1950 से भारत में एक सुप्रसिद्ध नाम बन चुके इस समूह ने दुपहिया वाहनों से लेकर वित्तीय समाधानों तक ग्राहक केंद्रित उत्पाद प्रस्तुत करते हुए देश में उद्योग के विकास में मदद की है।