ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने
(ब्रेक्जिट) के पक्ष में मतदान होने की खबर ने भारतीय शेयर बाजार को तगड़ा झटका दिया है। शुक्रवार
(24 जून) को कारोबार शुरू होने के साथ
ही ब्रेक्जिट का भूत बाजार पर हव्वे की तरह टूट पड़ा। शुरुआती सत्र में बीएसई व
एनएसई दोनों ही इससे चारों खाने चित होते दिखे। बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती
कारोबार के दौरान 27,000 के स्तर के पास आ गया और एनएसई का निफ्टी गोता लगा
कर 8,000 के स्तर से नीचे लुढ़क गया।
सेंसेक्स 948.54 अंक या 3.51 फीसदी लुढ़क कर 26,053.68 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी भी 294.15 अंक या 3.55 प्रतिशत गिरकर 7,976.30 पर चल रहा था। सेंसेक्स में शामिल 30 बड़ी कंपनियों में से शेयरों में 9.71 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली
है।
कारोबारियों
का कहना है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की खबर से बाजार में
घबराहट का माहौल है। कारोबारियों को इससे यूरोप में आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ने के
चलते भारतीय कारोबार प्रभावित होने की आशंका सता रही है। इसी के चलते बाजार में
इतनी तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। शेयर बाजार के साथ ही मुद्रा बाजार में भी
ब्रेक्जिट का असर देखने को मिला। इससे डॉलर के मुकाबले रुपया भी शुरुआती कारोबार
में 96 पैसे की भारी भरकम गिरावट का शिकार
होकर 68.21 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। उधर
ब्रिटिश पाउंड 31 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है।
गौरतलब
है कि यूरोपियन यूनियन से अलग होने के मुद्दे पर ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में
अधिकांश लोगों ने ईयू से बाहर होने यानी ब्रेग्जिट के पक्ष में वोट दिया है। वोटिंग खत्म
होने के बाद शुक्रवार को शुरू हुई वोटों की गिनती में 51.9 फीसदी (17,410,742) लोगों ने ब्रेक्जिट के समर्थन में वोट दिया है। दूसरी ओर 'रीमेन' यानी यूरोपीय संघ का हिस्सा बने रहने के पक्ष में 48.1 फीसदी
(16, 141, 241) वोट ही पड़े। नतीजों से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
डेविड कैमरन की कुर्सी खतरे में पड़ने की अटकलें भी शुरू हो गईं। हालांकि ब्रिटिश
विदेश मंत्री ने खंडन किया और कहा कि कैमरन
प्रधानमंत्री बने रहेंगे।